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सुलतानपुर में राष्ट्र सेविका समिति का भव्य पथ संचलन, पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत; नारी शक्ति, संस्कार और राष्ट्रभक्ति का दिखा अद्भुत संगम

सुलतानपुर। राष्ट्र सेविका समिति द्वारा आयोजित 15 दिवसीय प्रवेश शिक्षा वर्ग के समापन से पूर्व सोमवार को सुलतानपुर नगर में भव्य महिला पथ संचलन निकाला गया। शास्त्री नगर स्थित विद्या मंदिर से शुरू हुए इस अनुशासित और आकर्षक पथ संचलन ने नगरवासियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। पूरे मार्ग में जगह-जगह सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर सेविका समिति की बहनों का स्वागत किया। राष्ट्रभक्ति, संस्कृति, अनुशासन और नारी शक्ति के संदेश से ओत-प्रोत इस आयोजन ने शहर में विशेष उत्साह का वातावरण पैदा कर दिया।

15 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन

राष्ट्र सेविका समिति का 15 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग इन दिनों शास्त्री नगर स्थित विद्या मंदिर परिसर में संचालित हो रहा है। प्रशिक्षण वर्ग के समापन से दो दिन पहले आयोजित इस पथ संचलन में बड़ी संख्या में प्रशिक्षार्थी महिलाओं और युवतियों ने सहभागिता की। संचलन विद्या मंदिर से प्रारंभ होकर दरियापुर रोड, पंचरास्ता, चौक घंटाघर, आजाद चौराहा सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः अपने प्रारंभिक स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुआ। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नगर कोतवाली पुलिस पूरी तरह सक्रिय रही और पूरे मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।

महिलाओं को नेतृत्व और आत्मनिर्भरता का प्रशिक्षण देती है समिति

इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. ए.के. सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए राष्ट्र सेविका समिति के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राष्ट्र सेविका समिति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा से प्रेरित महिलाओं का प्रमुख संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 1936 में लक्ष्मणबाई केलकर, जिन्हें स्नेहपूर्वक ‘मौसी जी’ कहा जाता है, द्वारा की गई थी। उन्होंने कहा कि समिति महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करती है और उसका मूल आधार तीन प्रमुख स्तंभ हैं— मातृत्व, कर्तृत्व और नेतृत्व।

डॉ. सिंह ने बताया कि मातृत्व के माध्यम से संस्कारों का निर्माण, कर्तृत्व के माध्यम से समाज और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का बोध तथा नेतृत्व के माध्यम से महिलाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने का कार्य किया जाता है। प्रशिक्षण वर्ग का उद्देश्य महिलाओं को शारीरिक रूप से सशक्त, मानसिक रूप से जागरूक और हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार करना है।

चौक घंटाघर पर भारत विकास परिषद ने किया भव्य स्वागत

पथ संचलन जब नगर के चौक घंटाघर पहुंचा तो वहां भारत विकास परिषद शाखा कुशभवनपुर के पदाधिकारियों और सदस्यों ने पुष्पवर्षा कर सेविका समिति की बहनों का भव्य स्वागत और अभिनंदन किया।

पूजा वस्त्रालय के सामने आयोजित स्वागत कार्यक्रम में परिषद की महिला विंग की सदस्याओं राजकुमारी अग्रहरि, श्वेता कसौधन, श्वेता जायसवाल, पिंकी बरनवाल, कंचन अग्रहरि और सीमा बरनवाल ने सेविका समिति की बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका आत्मीय अभिनंदन किया।

इस दौरान परिषद के अध्यक्ष रविकांत अग्रहरि सहित प्रशांत टंडन, दीपक जायसवाल, विशाल गुप्ता, अभिषेक बरनवाल, अंकित अग्रहरि और रवि अग्रहरि समेत बड़ी संख्या में सदस्य एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन और समन्वय रचना अग्रवाल ने किया।

परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि राष्ट्र सेविका समिति द्वारा संचालित सेवा, संस्कार, संगठन और राष्ट्र निर्माण के कार्य समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं। ऐसे आयोजन समाज में अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

शाहगंज चौराहे पर भी हुआ भव्य अभिनंदन

नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल की ओर से भी पथ संचलन का स्वागत किया गया। शाहगंज वार्ड में सभासद श्रीमती मीना जायसवाल के नेतृत्व में शाहगंज चौराहे पर सेविका समिति की बहनों का पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया गया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पथ संचलन में मातृशक्ति के संगठन, सेवा, संस्कार और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत स्वरूप देखने को मिला। अनुशासन और समर्पण से परिपूर्ण इस आयोजन ने नगरवासियों को राष्ट्र निर्माण और समाज जागरण के लिए प्रेरित किया।

नारी शक्ति और राष्ट्र प्रथम का संदेश

पूरे पथ संचलन के दौरान अनुशासन, एकरूपता और राष्ट्रभक्ति का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने यह संदेश दिया कि आज की नारी केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

राष्ट्र सेविका समिति के इस आयोजन ने सुलतानपुर में नारी सशक्तिकरण, सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्र प्रथम की भावना को नई ऊर्जा प्रदान की। नगरवासियों ने इसे एक प्रेरणादायी और अविस्मरणीय आयोजन बताया।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi