सुलतानपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे चर्चित मानहानि मामले में सुलतानपुर की MP/MLA कोर्ट में निर्धारित सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 जुलाई की तारीख तय की है। सुनवाई टलने की मुख्य वजह राहुल गांधी के कथित वॉइस सैंपल और साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत सीडी में दर्ज आवाज के मिलान से संबंधित रिवीजन याचिका पर सेशन कोर्ट में फैसला लंबित होना है।
इस मामले में अदालत की आगामी कार्यवाही अब काफी हद तक 15 जुलाई को आने वाले सेशन कोर्ट के आदेश पर निर्भर करेगी। यदि रिवीजन याचिका पर कोई महत्वपूर्ण निर्णय आता है तो इसका सीधा प्रभाव मूल मानहानि मुकदमे की सुनवाई पर पड़ सकता है। राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से यह मामला लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है।
राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि राहुल गांधी की वास्तविक आवाज और साक्ष्य के रूप में अदालत में प्रस्तुत की गई सीडी में रिकॉर्ड आवाज का विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) से वैज्ञानिक परीक्षण कराने की मांग को लेकर दायर रिवीजन याचिका पर दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि इस मामले में एडीजे-5 की अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था और अब 15 जुलाई को आदेश सुनाया जाएगा। इसी कारण मूल मानहानि मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ा दी गई है।
राहुल गांधी के अधिवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि रिवीजन याचिका खारिज होने के बाद वादी पक्ष हाईकोर्ट का रुख करता है, तो मुकदमे की मूल पत्रावली सेशन कोर्ट अथवा उच्च न्यायालय में रहने के कारण MP/MLA कोर्ट में सुनवाई फिर से टल सकती है। ऐसे में मुकदमे की आगे की कार्यवाही में और समय लगने की संभावना बनी हुई है।
इस मामले में भाजपा नेता विजय मिश्रा के अधिवक्ता ने 21 मई को सेशन कोर्ट में रिवीजन याचिका दाखिल की थी। इससे पहले निचली अदालत ने राहुल गांधी का वॉइस सैंपल लेकर उसे रिकॉर्ड की गई सीडी से मिलाने की मांग को अस्वीकार कर दिया था। निचली अदालत के इसी आदेश को चुनौती देते हुए सेशन कोर्ट में रिवीजन दाखिल की गई। 30 जून को दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और आदेश के लिए 15 जुलाई की तारीख निर्धारित की।
मानहानि का यह मामला वर्ष 2018 से जुड़ा हुआ है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी। इस बयान को आपत्तिजनक बताते हुए सुलतानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने दीवानी न्यायालय में परिवाद दायर किया था। वादी का आरोप था कि राहुल गांधी की टिप्पणी से उनकी भावनाएं आहत हुईं और इससे सार्वजनिक जीवन में उनकी राजनीतिक विचारधारा को नुकसान पहुंचा। अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद परिवाद स्वीकार करते हुए मुकदमा चलाने का आदेश दिया था।
मामले में राहुल गांधी 20 फरवरी 2024 को सुलतानपुर की अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए थे। अदालत ने उन्हें उसी दिन जमानत प्रदान कर दी थी। इसके बाद 26 जुलाई 2024 को अदालत में उनका बयान भी दर्ज किया गया। इसके बाद भी मुकदमे की विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं के चलते सुनवाई लगातार जारी रही। राहुल गांधी आखिरी बार 20 फरवरी 2026 को सुल्तानपुर की अदालत में पेश हुए थे। अब अदालत ने अगली सुनवाई 18 जुलाई निर्धारित की है।
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