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मलेरिया उन्मूलन के लिए विशेष अभियान शुरू, वर्ष 2030 तक जिले को पूरी तरह मलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य

सुल्तानपुर। जिले को मलेरिया मुक्त बनाए रखने और वर्ष 2030 तक मलेरिया उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने जून माह में विशेष मलेरिया रोधी अभियान की शुरुआत की है। एक जून से शुरू हुआ यह अभियान पूरे महीने यानी 30 जून तक संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, सर्वेक्षण तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्तमान समय में जिले में मलेरिया का कोई भी सक्रिय मरीज नहीं है। हालांकि विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस स्थिति को लगातार तीन वर्षों तक बनाए रखना है, ताकि जिले को स्थायी रूप से मलेरिया मुक्त घोषित किया जा सके। इसी उद्देश्य से विशेष रणनीति के तहत घर-घर जाकर मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान की जाएगी और उन्हें नष्ट करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

सहायक जिला मलेरिया अधिकारी हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को अभियान के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य कर्मी लोगों को मलेरिया के लक्षणों, उपचार और बचाव के उपायों के बारे में जानकारी देंगे। साथ ही संभावित रोगियों की नियमित निगरानी भी की जाएगी ताकि किसी भी संक्रमण की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

जिला मलेरिया अधिकारी वंशीलाल ने बताया कि घरों में रखे कूलर, फ्रिज की ट्रे, पुराने टायर, टूटे बर्तन, कबाड़ तथा अन्य स्थानों पर जमा पानी मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बनता है। अभियान के दौरान लोगों को ऐसे स्थानों पर पानी जमा न होने देने, नियमित सफाई रखने तथा सप्ताह में कम से कम एक दिन पानी के स्रोतों को खाली करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जनजागरूकता बढ़ाने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर विशेष वॉल पेंटिंग कराई जाएगी, जिनमें “हर रविवार, मच्छर पर वार” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता और मच्छर नियंत्रण के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा स्कूलों, ग्राम सभाओं और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी भारत भूषण ने बताया कि यदि किसी क्षेत्र में मलेरिया का मरीज मिलता है तो उसके आसपास के 50 घरों का तत्काल सर्वेक्षण कराया जाएगा। बुखार से पीड़ित व्यक्तियों की जांच के साथ-साथ मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने और स्वच्छता संबंधी गतिविधियों को भी तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को सफल बनाने में आम जनता की सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है।

सीएमओ ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि अपने घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, कहीं भी पानी जमा न होने दें तथा बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। जनभागीदारी और सतर्कता के बल पर ही सुल्तानपुर को स्थायी रूप से मलेरिया मुक्त बनाकर वर्ष 2030 के राष्ट्रीय लक्ष्य को समय से पहले प्राप्त किया जा सकता है।

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Suyash Chitranshi
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