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तिकोनिया पार्क में 24 जून को मनाया जाएगा गोंड वीरांगना महारानी दुर्गावती का बलिदान दिवस, लम्भुआ में हुई तैयारी बैठक

सुलतानपुर। गोंड समाज की वीरांगना एवं अदम्य साहस की प्रतीक महारानी दुर्गावती के बलिदान दिवस को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 24 जून 2026 को सुलतानपुर के तिकोनिया पार्क में महारानी दुर्गावती का बलिदान दिवस श्रद्धा, सम्मान और गौरव के साथ मनाया जाएगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शनिवार को लम्भुआ स्थित सिटी मैरिज लॉन में अखिल भारतवर्षीय गोंड महासभा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज के चौधरी, सिपाही एवं पदाधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतवर्षीय गोंड महासभा, सुलतानपुर के जिलाध्यक्ष ने की। इस दौरान बलिदान दिवस कार्यक्रम को भव्य एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। कार्यक्रम के आयोजन, अतिथियों के स्वागत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तथा सामाजिक जागरूकता गतिविधियों को लेकर विभिन्न जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गईं।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि महारानी दुर्गावती केवल गोंड समाज ही नहीं बल्कि पूरे देश की वीरता, स्वाभिमान और नारी शक्ति की प्रतीक हैं। उन्होंने अपने साहस, नेतृत्व क्षमता और मातृभूमि की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान से इतिहास में अमिट पहचान बनाई है।

आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को महारानी दुर्गावती के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति से परिचित कराना है, ताकि युवा वर्ग उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सके।

24 जून को आयोजित होने वाले बलिदान दिवस समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ एक विचार गोष्ठी का भी आयोजन प्रस्तावित है। इसमें समाज के वरिष्ठजन, बुद्धिजीवी और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि महारानी दुर्गावती के जीवन, संघर्ष और योगदान पर अपने विचार रखेंगे। साथ ही समाज की एकता, शिक्षा और सामाजिक उत्थान जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।

लम्भुआ में आयोजित तैयारी बैठक में श्यामलाल धुरिया, छेदीलाल धुरिया, स्वामी प्रसाद गोंड, राम फेर गोंड, बालमुकुंद गोंड, राम निहोर गोंड, विजय कुमार गोंड सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सफल बनाने का संकल्प लिया।

बैठक के अंत में समाज के लोगों ने अधिक से अधिक संख्या में बलिदान दिवस समारोह में भाग लेने की अपील करते हुए महारानी दुर्गावती के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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Suyash Chitranshi
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