सुलतानपुर। भारतीय जनता पार्टी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश भर में आयोजित किए जा रहे जन चौपाल कार्यक्रमों के बीच लंभुआ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जन चौपाल विवादों के घेरे में आ गई है। चांदा थाना क्षेत्र के मल्हीपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। अपनी समस्याओं के समाधान न होने से नाराज लोगों ने स्थानीय विधायक सीताराम वर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कार्यक्रम का विरोध किया। इस दौरान लगाए गए मुर्दाबाद के नारों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली, सड़क, जलनिकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों और प्रशासन द्वारा उनकी शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
प्रत्यक्ष संवाद और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम में उस समय माहौल गर्म हो गया जब ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। नाराज लोगों ने कार्यक्रम के दौरान ही विधायक के खिलाफ नारेबाजी की और कार्यक्रम के बहिष्कार की घोषणा कर दी। ग्रामीणों का कहना था कि यदि उनकी मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है तो केवल जन चौपाल आयोजित करने से जनता की परेशानियां दूर नहीं होंगी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विकास कार्यों के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। इसी वजह से जनता के बीच असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
विवाद केवल मल्हीपुर गांव तक सीमित नहीं रहा। शुकुल उमरी गांव में आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम भी चर्चाओं में बना रहा। ग्रामीणों के अनुसार कार्यक्रम रात नौ बजे तक निर्धारित था, लेकिन कई विभागीय अधिकारी निर्धारित समय से पहले ही वापस लौट गए। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई तथा कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक गंभीरता पर सवाल उठने लगे।
ग्रामीणों का कहना है कि जब अधिकारी ही जनता की समस्याएं सुनने के लिए पूरा समय नहीं दे रहे हैं तो जन चौपाल जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य प्रभावित होता है। लोगों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।
जन चौपाल में हुए विरोध और नारेबाजी के बाद लंभुआ विधानसभा क्षेत्र की राजनीति भी गर्मा गई है। विपक्षी दलों ने इस घटना को जनता की नाराजगी का प्रत्यक्ष प्रमाण बताते हुए भाजपा सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधा है। विपक्ष का कहना है कि जनता अब विकास के दावों की वास्तविकता को समझ चुकी है और अपनी समस्याओं को लेकर खुलकर आवाज उठा रही है।
वहीं, विधायक सीताराम वर्मा ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से माहौल खराब करने का प्रयास किया है। उन्होंने दावा किया कि जन चौपाल कार्यक्रम सफल रहा और क्षेत्र में विकास कार्य लगातार जारी हैं। विधायक ने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और सभी शिकायतों का नियमानुसार निस्तारण कराया जा रहा है।
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