सुलतानपुर। जिले की प्रमुख कृषि उपज मंडियों में शामिल अमहट मंडी एक बार फिर अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। लगातार हो रही बारिश के बाद मंडी परिसर में हुए भारी जलभराव ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। व्यापारियों, किसानों और स्थानीय लोगों ने मंडी प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, जिसका खामियाजा अब आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
बारिश के बाद मंडी परिसर की सड़कों पर पानी इस कदर भर गया कि पूरा परिसर किसी तालाब या समंदर जैसा दिखाई देने लगा। कई स्थानों पर घुटनों तक पानी भर जाने से मंडी में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। किसानों, आढ़तियों, व्यापारियों और ग्राहकों को गंदे पानी के बीच होकर गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ा।
स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि मंडी परिसर में लंबे समय से नालियों की नियमित सफाई नहीं कराई जा रही है। सफाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं, जबकि नालियों से निकाला गया कचरा भी समय पर नहीं हटाया जाता। परिणामस्वरूप अधिकांश नालियां पूरी तरह चोक हो चुकी हैं और बारिश का पानी निकासी का रास्ता न मिलने के कारण सड़कों पर भर जाता है।
व्यापारियों का कहना है कि कई बार मंडी प्रशासन को लिखित और मौखिक रूप से समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। सोशल मीडिया पर भी मंडी की बदहाल तस्वीरें और वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जलभराव के कारण मंडी में व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। किसानों को अपनी उपज लेकर मंडी तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि खरीदार और व्यापारी भी गंदे पानी के बीच कारोबार करने को मजबूर हैं। कई दुकानों और गोदामों के सामने पानी भर जाने से माल के नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। गंदे पानी के लंबे समय तक जमा रहने से मच्छरों और अन्य रोग फैलाने वाले जीवाणुओं के पनपने की आशंका बनी हुई है।
मंडी परिसर में जलभराव के कारण ई-रिक्शा, दोपहिया और अन्य छोटे वाहन चालकों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क और नाली का अंतर दिखाई न देने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कई वाहन चालक जोखिम उठाकर जलभराव वाले रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं।
व्यापारियों और किसानों ने मंडी प्रशासन से तत्काल नालियों की सफाई कराने, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने तथा बरसात के मौसम में विशेष सफाई अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो मंडी की कार्यप्रणाली और व्यापार दोनों पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।
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