सुलतानपुर। जिले के बल्दीराय क्षेत्र स्थित हरौरा बाजार सोमवार शाम उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई और लाठी-डंडों से हुई मारपीट में पीएसी जवान सहित सात लोग घायल हो गए। घटना के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। इतना ही नहीं, घायलों का मेडिकल परीक्षण कराने के दौरान अस्पताल परिसर में भी दोनों पक्षों के बीच दोबारा मारपीट हो गई, जिससे पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मेडिकल अवकाश पर घर आए पीएसी जवान भी हुए घायल
जानकारी के अनुसार पीएसी में तैनात अमित अग्रहरी इन दिनों मेडिकल अवकाश पर अपने घर आए हुए हैं। सोमवार शाम हरौरा बाजार में किसी बात को लेकर उनका विवाद बाजार निवासी गौतम अग्रहरी से हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों के बीच शुरू हुआ विवाद जल्द ही दोनों पक्षों के समर्थकों के शामिल होने से बड़े संघर्ष में बदल गया।
देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडों के साथ आमने-सामने आ गए। सड़क पर हुई इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। बाजार में मौजूद दुकानदारों और राहगीरों के बीच अफरा-तफरी मच गई तथा लोगों ने किसी तरह खुद को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
डायल-112 ने पहुंचाया अस्पताल, वहां भी भड़की हिंसा
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनपतगंज भेजा। लेकिन मामला यहीं शांत नहीं हुआ। आरोप है कि मेडिकल परीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस की मौजूदगी में ही एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के एक युवक की लाठी-डंडों से जमकर पिटाई कर दी। अस्पताल परिसर में अचानक हुई मारपीट से मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्यकर्मियों में हड़कंप मच गया।
थाना प्रभारी ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अंजू मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं और किसी तरह दोनों पक्षों को अलग कर हालात पर नियंत्रण पाया। पुलिस की तत्परता के बाद अस्पताल परिसर में शांति बहाल हो सकी।
मारपीट में घायल बिनोद, अमित और संतोष की हालत गंभीर बताई जा रही है। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है।
सीओ बल्दीराय ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी (सीओ) बल्दीराय आशुतोष कुमार भी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच-पड़ताल की। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर घटना के कारणों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
इस घटना ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच पिछले लगभग एक सप्ताह से तनाव और रंजिश की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस स्थान पर यह हिंसक संघर्ष हुआ, वहां से लगभग 400 मीटर की दूरी पर पुलिस बूथ मौजूद है, जहां देर शाम तक पुलिसकर्मियों की तैनाती रहती है। इसके बावजूद विवाद इतना बढ़ गया कि सात लोग घायल हो गए और अस्पताल परिसर तक हिंसा पहुंच गई।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच चल रहे तनाव की जानकारी लेकर हस्तक्षेप किया होता, तो शायद इस बड़ी घटना को रोका जा सकता था। अब पुलिस अस्पताल परिसर में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद हुई मारपीट के वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
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