सुलतानपुर। भारत जैसे लोकतान्त्रिक देश मे राजनीति नीतियों के निर्माण और उन्हें लागू करने का मुख्य जरिया है। इसलिए राजनीति मे सहभागिता करना अत्यंत आवश्यक है। इसे अगर गँवई भाषा मे कहा जाये तो राजनीति दो प्रकार से की जाती है। एक अपने भले के लिए और दूसरी जनहित के लिए। यह बातें विशेष बातचीत के दौरान वरिष्ठ समाजसेवी व दधीचि फाउंडेशन के अध्यक्ष राम प्रकाश मिश्रा ‘दधीचि’ ने कही।
श्री दाधीचि ने आगे कहा की ज़ब अपने लिए राजनीति करने वालो की संख्या बढ़ती है तो देश के विकास का पहिया थमने लगता है और ज़ब जनहित के लिए राजनीत करने वालो की संख्या बढ़ती है तो विकास का पहिया तीव्रता से बढ़ने लगता है। इसलिए देश मे सदैव जनहित के लिए समर्पित राजनीतिज्ञ की संख्या लगातार बढ़ती रहनी चाहिए। हम इसी क्रम मे एक अंक जोड़ने की कोशिश कर रहे हैँ। हमको भगवान ने बहुत कुछ दिया है। उम्मीद से ज्यादा कृपा रही प्रभु की। सामाजिक कार्यों मे सहभागिता लेने और लोगों के सुख दुख मे लगातार खड़े होने का अवसर मिलता रहा है। जाहिर सी बात है कि लोगो की उम्मीदें भी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी। तो हमने भी जनहित मे राजनीति करने का मन पक्का कर लिया। उन्होंने आगे कहा की जनहित की राजनीति का मतलब मेरी समझ मे प्रत्येक व्यक्ति को रोटी, कपड़ा, मकान, बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, सुरक्षा और शिक्षा है जो कि सरलता और सहजता से उचित समय पर आसानी से प्राप्त हो सके।
शिकायत नहीं अवसर है लम्भुआ विधान सभा
राम प्रकाश मिश्रा ने आगे कहा की गृह जनपद सुलतानपुर जिले की लम्भुआ विधानसभा मे हमारी और टीम की लगातार चहलकर्मी जनहित की राजनीति का उदाहरण है। हम कहते है की सभी दिशा मे विकास हुआ है। लेकिन सभी दिशा मे अभी और विकास की बहुत जरूरत है। पूरे क्षेत्र मे आवागमन के दौरान हमने विकास का एक रोडमैप बनाया है जिसमे लोगों को मुलभुत जरूरत की व्यवस्थाएं अविलम्ब उचित समय पर प्राप्त हो सकें। ऐसी व्यवस्था किये जाने की पूरी तैयारी है।
जीत हार नहीं, जनता का प्यार जरुरी
क्षेत्र मे काम करने के लिए जीत या हार जरुरी नहीं होती है बल्कि जनता का प्यार जरुरी होता है। हम कुछ प्राप्त करने नहीं बल्कि जनहित के भाव से क्षेत्र मे जाते है। और इसीलिए हमें प्यार मिलता है। यही प्यार हमारे लिए अनमोल है। हम यहाँ जीतने-हारने की रणनीति मे समय ख़राब करने नहीं आये हैँ। इसीलिए हमारा ना तो किसी से कम्पटीशन है और न ही किसी से कोई लड़ाई है। सिर्फ एक उद्देश्य है कि जनता के हित की राजनीत मे एक अंक अपना बढ़ जाये।
