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वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी से कारोबारियों में नाराजगी, पीएम को भेजा गया ज्ञापन

सुलतानपुर। लगातार बढ़ रही वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की कीमतों और गैस की किल्लत को लेकर जिले के टेंट, कैटर्स और छोटे व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। टेंट, कैटर्स एंड डेकोरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश की सुलतानपुर इकाई ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा है। यह ज्ञापन अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री हिमांशु मालवीय के नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया।

ज्ञापन में वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस लेने और गैस की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई है। व्यापारियों का कहना है कि लगातार महंगी होती गैस ने छोटे और मध्यम उद्योगों की कमर तोड़ दी है।

एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष श्रीराम संजय मिश्रा ने बताया कि 15 मार्च से पहले वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की कीमत 1863 रुपये थी, लेकिन पहले इसमें 337 रुपये की बढ़ोतरी कर कीमत 2200 रुपये कर दी गई। इसके बाद मात्र 10 दिनों के भीतर फिर 977 रुपये की वृद्धि कर दी गई, जिससे अब एक सिलेंडर की कीमत बढ़कर 3194 रुपये पहुंच गई है।

उन्होंने कहा कि इतनी तेजी से बढ़ी कीमतों के कारण कैटरिंग व्यवसाय, डेयरी उद्योग, मिठाई कारोबार, हलवाई, होटल, ढाबा और ठेले-खोमचे पर खाद्य सामग्री बेचने वाले छोटे कारोबारियों पर गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। गैस की अनुपलब्धता के कारण कई व्यापारियों को समय पर ऑर्डर पूरे करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में व्यापारियों ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की बढ़ी हुई दरों को तत्काल वापस लेने, घरेलू गैस सिलेंडर की तरह वाणिज्यिक सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था शुरू करने और शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्यक्रमों के दौरान गैस की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग शामिल है।

इसके साथ ही एसोसिएशन ने महंगाई पर नियंत्रण के लिए वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों पर लागू 18 प्रतिशत जीएसटी को घटाकर 5 प्रतिशत करने की मांग भी उठाई। व्यापारियों का कहना है कि यदि टैक्स में राहत दी जाती है तो इसका सीधा लाभ छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं को मिलेगा।

ज्ञापन में टेंट कारोबार से जुड़े व्यापारियों के लिए भी जीएसटी दर को 5 प्रतिशत करने की मांग की गई है। साथ ही, वाणिज्यिक गैस की कमी को देखते हुए उद्योगों को पुराने वैकल्पिक ईंधन के प्रयोग की अनुमति देने तथा प्रदूषण विभाग और एनजीटी के नियमों में पांच वर्षों की छूट देने की भी अपील की गई है।

व्यापारियों ने यह भी मांग की कि गोदाम से गैस डिलीवरी लेने वाली कंपनियों द्वारा एजेंसियों को दिए जा रहे अतिरिक्त भाड़े को कम किया जाए, ताकि गैस सिलेंडरों की अंतिम कीमत में कमी आ सके और उपभोक्ताओं को राहत मिले।

इस दौरान जिले के कई टेंट व्यवसायी, कैटर्स और व्यापारी मौजूद रहे। प्रमुख रूप से रामदास पोपटनी, बबलू गोस्वामी, संजय जी, जसकीरत सिंह और भूपेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए।

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Suyash Chitranshi
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