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पांचवें बड़े मंगल पर वलीपुर पुलिस चौकी बनी भक्ति का केंद्र, सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन से राममय हुआ वातावरण

सुलतानपुर। ज्येष्ठ माह के पावन पांचवें बड़े मंगलवार के अवसर पर बल्दीराय क्षेत्र स्थित वलीपुर पुलिस चौकी परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। चौकी प्रभारी ज्ञानेश दुबे के नेतृत्व में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में भगवान श्रीराम एवं संकटमोचन हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद भव्य सुंदरकांड पाठ का शुभारंभ हुआ।

पुलिस चौकी परिसर में आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान की, बल्कि पुलिस और जनता के बीच सौहार्द एवं विश्वास का भी अनूठा संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, श्रद्धालुओं और पुलिस कर्मियों ने सहभागिता की।

इसके बाद क्षेत्र की प्रसिद्ध रामायणी मंडली ने साज-बाज और मधुर स्वर लहरियों के साथ सुंदरकांड का सस्वर पाठ प्रारंभ किया। रामायण की चौपाइयों, हनुमान जी के जयघोष और भक्ति गीतों की गूंज से पूरा चौकी परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। श्रद्धालु पूरे मनोयोग से सुंदरकांड का श्रवण करते हुए भगवान श्रीराम और बजरंगबली के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते नजर आए।

कार्यक्रम के दौरान चौकी प्रभारी ज्ञानेश दुबे स्वयं श्रद्धालुओं के बीच बैठकर सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन का आनंद लेते दिखाई दिए। उनकी इस सहभागिता की स्थानीय लोगों ने सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ पुलिस और जनता के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राम नाम की मधुर ध्वनि और भक्तिमय भजनों से वातावरण इतना आध्यात्मिक हो उठा कि पूरा क्षेत्र मानो राममय दिखाई देने लगा। श्रद्धालुओं ने सुंदरकांड पाठ में शामिल होकर परिवार, समाज और देश की सुख-समृद्धि, शांति एवं मंगलकामना के लिए प्रार्थना की।

विशेष बात यह रही कि वलीपुर चौकी के सभी पुलिसकर्मी और सिपाही भी श्रद्धालुओं के साथ बैठकर सुंदरकांड पाठ का श्रवण करते रहे। इससे कार्यक्रम में सामाजिक समरसता और एकता की भावना और अधिक मजबूत होती दिखाई दी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े मंगल के अवसर पर आयोजित इस तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में भाईचारे, सद्भाव और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देते हैं। देर शाम तक सुंदरकांड पाठ, भजन-कीर्तन और जयकारों का सिलसिला जारी रहा, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिरस में सराबोर नजर आया।

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि पुलिस और आमजन के बीच विश्वास, सहयोग और सामाजिक समरसता को भी नई मजबूती प्रदान करने वाला साबित हुआ।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi