सुलतानपुर। जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में चर्चित आजाद वर्मा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। घटना के बाद से ही पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी और अब मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
पुलिस के अनुसार यह मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा हुआ है। 28 जून 2026 को ग्राम कारीबहार मजरे जासापारा में आजाद वर्मा को गोली मार दी गई थी। गंभीर रूप से घायल आजाद वर्मा को पहले स्थानीय स्तर पर उपचार दिया गया, बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ स्थित केजीएमयू रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया था और मृतक के परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
मृतक के भाई बादल वर्मा की तहरीर पर गोसाईगंज थाने में छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा संख्या 242/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 190, 191(1), 191(2), 103(1), 352 एवं 351(3) के तहत हत्या सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
तहरीर में आरोप लगाया गया कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की, फिर जान से मारने की धमकी दी और इसके बाद आजाद वर्मा को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिलेभर में अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक तथा क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर के पर्यवेक्षण में गोसाईगंज पुलिस ने मामले की गहन विवेचना करते हुए लगातार दबिश दी।
विवेचना के दौरान पुलिस ने पहले तीन आरोपियों को हिरासत में लिया था। इसके बाद बुधवार को दो अन्य नामजद आरोपी अशोक पाण्डेय और अनुराग पाण्डेय उर्फ अन्नू पाण्डेय को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद माननीय न्यायालय में पेश कर दिया।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रूपम पाण्डेय, सत्यम पाण्डेय, सूरज पाण्डेय, अशोक पाण्डेय और अनुराग पाण्डेय उर्फ अन्नू पाण्डेय शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर की गई है। मामले में आगे भी जांच जारी है और शेष बिंदुओं पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
घटना के बाद ग्राम कारीबहार और आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच इस हत्याकांड की व्यापक चर्चा रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुरानी रंजिश के कारण हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लोगों में कानून व्यवस्था को लेकर भरोसा बढ़ा है।
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