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सुलतानपुर में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहाना, किसानों के खिले चेहरे; पहली बारिश ने खोली नगर पालिका के विकास कार्यों की पोल

सुलतानपुर। पखवारे भर की उमस और तेज गर्मी के बाद बुधवार दोपहर सुलतानपुर में मौसम ने अचानक करवट ली। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक करीब आधे घंटे तक हुई झमाझम बारिश ने लोगों को गर्मी से काफी राहत पहुंचाई। मौसम विभाग के अनुसार दोपहर में जिले में 20.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और वातावरण सुहावना हो गया। हालांकि, जहां किसानों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी, वहीं शहर के कुछ हिस्सों में जलनिकासी व्यवस्था की खामियां भी उजागर हो गईं।

बारिश का सबसे अधिक सकारात्मक असर खेती-किसानी पर देखने को मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान छाता लेकर खेतों में धान की रोपाई करते नजर आए। दूसरी ओर, बच्चे भी पहली अच्छी बरसात का आनंद लेते हुए बारिश में नहाते दिखाई दिए। मौसम विभाग ने शाम और रात में भी बारिश के साथ तेज हवा और ओलावृष्टि की संभावना जताई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए बुधवार की बरसात किसी राहत से कम नहीं रही। जिले के कई गांवों में खेतों में पानी पहुंचने से धान की रोपाई का काम तेज हो गया। बल्दीराय क्षेत्र के पारा वल्लीपुर, रसूलपुर और चक्कारीभीट गांवों में लगभग 40 मिनट तक लगातार बारिश हुई। इसके बाद किसान बिना समय गंवाए छाता लेकर खेतों की ओर निकल पड़े और धान की रोपाई शुरू कर दी।

धनपतगंज विकासखंड में भी मानसूनी बारिश की शुरुआत के साथ खेतों में गतिविधियां बढ़ गईं। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश होती रही तो खरीफ फसलों की बुवाई और रोपाई समय पर पूरी हो जाएगी, जिससे अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ जाएगी।

बारिश शुरू होते ही शहर का मौसम पूरी तरह बदल गया। तेज धूप और उमस से परेशान लोगों को ठंडी हवाओं और बारिश ने राहत दी। कई स्थानों पर बच्चे बारिश में भीगते और खेलते नजर आए। बाजारों और सड़कों पर भी लोगों के चेहरों पर मौसम बदलने की खुशी साफ दिखाई दी। कूरेभार और दोस्तपुर क्षेत्रों में भी हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, जिससे पूरे जिले में मौसम का मिजाज बदल गया और लोगों ने राहत महसूस की।

जहां बारिश ने राहत दी, वहीं नगर पालिका के हालिया विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए। गभड़िया क्षेत्र में जून माह के दौरान बनाए गए नाले का निर्माण पहली ही बारिश में विवाद का कारण बन गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाले का ढलान गली के मुहाने पर सामान्य स्तर से ऊंचा बना दिया गया है, जबकि तकनीकी रूप से इसे नीचे होना चाहिए ताकि पानी का बहाव सुचारु बना रहे। मोहल्लेवासियों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान ही उन्होंने ठेकेदार को इस खामी के बारे में अवगत कराया था, लेकिन उनकी शिकायत को नजरअंदाज कर दिया गया।

अब स्थिति यह है कि नाले का ऊंचा ढलान छोटे पहियों वाले ई-रिक्शा, स्कूटी और अन्य दोपहिया वाहनों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। कई वाहन चालक इस रास्ते से गुजरने से बच रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों ने न तो नियमित निरीक्षण किया और न ही तकनीकी खामियों पर ध्यान दिया। यदि समय रहते निरीक्षण किया गया होता तो इस प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होती।

बारिश के बाद सामने आई इस स्थिति ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नाले की तकनीकी खामी को जल्द से जल्द दूर कराया जाए ताकि भविष्य में जलभराव और आवागमन की समस्या न बढ़े।

मौसम विभाग के अनुसार बुधवार शाम तक 4.4 मिलीमीटर अतिरिक्त बारिश होने की संभावना है। विभाग ने कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका जताई है। शाम के समय पूर्वी दिशा से 7 से 14 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। वहीं रात के समय आंधी के साथ 8.6 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। रात में हवा की गति लगभग 7 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम में होने वाले अचानक बदलाव को देखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi