सुलतानपुर। स्वायत्त राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (ASMC) सुलतानपुर के जनरल सर्जरी विभाग द्वारा आयोजित साप्ताहिक शैक्षणिक सत्र का सफल आयोजन सेमिनार हॉल में किया गया। इस शैक्षणिक कार्यक्रम में विभाग के फैकल्टी सदस्यों, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ रेजिडेंट्स, इंटर्न्स तथा एमबीबीएस छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सत्र का उद्देश्य सर्जिकल आपात स्थितियों के आधुनिक प्रबंधन, साक्ष्य-आधारित चिकित्सा (Evidence-Based Practice) तथा चिकित्सा शिक्षा को और अधिक सशक्त बनाना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. टिकेश द्वारा अपर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (UGI) ब्लीडिंग एवं उसके प्रबंधन विषय पर विस्तृत प्रस्तुति से हुई। उन्होंने UGI ब्लीडिंग के कारणों, रोग के लक्षणों, निदान की प्रक्रिया, आपातकालीन पुनर्जीवन (Resuscitation), एंडोस्कोपिक उपचार तथा अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति में आवश्यक सर्जिकल हस्तक्षेपों पर विस्तार से जानकारी दी। प्रस्तुति के दौरान चिकित्सकीय दृष्टिकोण और व्यावहारिक अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने जटिल मामलों के सफल प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं को भी समझाया।
इसके बाद डॉ. आस्था ने तीव्र अग्नाशयशोथ (Acute Pancreatitis) विषय पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। उन्होंने रोग की उत्पत्ति, कारणों, प्रमुख लक्षणों, गंभीरता के मूल्यांकन, आवश्यक जांचों, संभावित जटिलताओं तथा वर्तमान साक्ष्य-आधारित उपचार प्रोटोकॉल पर विस्तार से प्रकाश डाला। उनके व्याख्यान ने उपस्थित छात्रों और चिकित्सकों को इस गंभीर बीमारी के आधुनिक उपचार दृष्टिकोण को समझने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की।
सत्र के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए विचारोत्तेजक प्रश्नों और विशेषज्ञों के उत्तरों ने कार्यक्रम को अत्यंत संवादात्मक और ज्ञानवर्धक बना दिया। उपस्थित इंटर्न्स, रेजिडेंट्स और विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने अनुभव और जिज्ञासाएं साझा कीं।
प्रोफेसर डॉ. ए. के. सिंह और प्रोफेसर डॉ. आर. के. तिवारी ने अपने दीर्घकालीन क्लीनिकल अनुभव, व्यावहारिक ज्ञान और मूल्यवान सुझावों से प्रतिभागियों को लाभान्वित किया। उन्होंने सामान्य रूप से सामने आने वाली सर्जिकल आपात स्थितियों के प्रबंधन पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
वहीं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. किरण रेबेलो ने पूरे सत्र के दौरान प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करते हुए साक्ष्य-आधारित चिकित्सा, सूक्ष्म क्लीनिकल परीक्षण और संवेदनशील रोगी देखभाल के महत्व पर विशेष बल दिया।
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुप्रीत वर्मा ने प्रश्नोत्तर सत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए इंटर्न्स और रेजिडेंट्स में तार्किक सोच को प्रोत्साहित किया। डॉ. सुकेश के. एस. ने सत्र के समन्वय और इंटर्न्स के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा।
इसके अतिरिक्त डॉ. सुयश शर्मा और डॉ. आकाश श्रीवास्तव ने चर्चाओं में सक्रिय सहभागिता कर शैक्षणिक वातावरण को और समृद्ध बनाया। वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. यशांक बरनवाल तथा कनिष्ठ रेजिडेंट डॉ. जयदीप गौतम भी सत्र में उपस्थित रहे और अकादमिक विमर्श में सक्रिय योगदान दिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट्स और इंटर्न्स की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने विभाग की निरंतर सीखने और अकादमिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।
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