सुलतानपुर। जनपद की अखंडनगर पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मोबाइल टावरों से कीमती कम्युनिकेशन डिवाइस और अन्य महत्वपूर्ण उपकरण चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में नकदी, अवैध तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद की गई है। इस उल्लेखनीय सफलता पर पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपी लंबे समय से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मोबाइल टावरों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। पूछताछ में गिरोह के सदस्यों ने अपने अपराध का ऐसा तरीका बताया, जिसने पुलिस अधिकारियों को भी चौंका दिया।
बेहद सुनियोजित तरीके से करते थे चोरी
पुलिस जांच में सामने आया कि मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े इस गिरोह के सदस्य पहले लखनऊ पहुंचते थे और वहां ठहरने के बाद अलग-अलग जिलों में जाकर मोबाइल टावरों की रेकी करते थे। सुबह के समय वे अपनी कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर ऐसे टावरों की पहचान करते थे जहां सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो या सीसीटीवी कैमरे न लगे हों।
टावरों की रेकी पूरी होने के बाद गिरोह रात के अंधेरे में वारदात को अंजाम देता था। आरोपी मोबाइल टावरों में लगे अत्यंत कीमती ‘अंजना डिवाइस’ तथा अन्य कम्युनिकेशन पैनल चोरी कर लेते थे। बताया जा रहा है कि यह डिवाइस लगभग 7 से 8 किलोग्राम वजन की होती है और दूरसंचार सेवाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
चोरी के बाद अपनाते थे अनोखी रणनीति
पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि वारदात के तुरंत बाद आरोपी हाईवे किनारे अपनी गाड़ी खड़ी कर आराम करते थे, ताकि किसी को उन पर संदेह न हो। इसके बाद चोरी किए गए उपकरणों को कार्टूनों में पैक कर उन पर ‘Luggage’ और ‘Fragile’ लिखवा दिया जाता था।
गिरोह के सदस्य इन पैकेटों को कूरियर या अन्य परिवहन माध्यमों के जरिए दिल्ली भेजते थे। दिल्ली में इनके सहयोगी सरफराज और अनस चोरी के माल को रिसीव करते थे और बाजार में प्रति डिवाइस 20 हजार से 40 हजार रुपये तक में बेच देते थे। इस अवैध कारोबार से गिरोह लाखों रुपये की कमाई कर रहा था।
मुखबिर की सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई
पुलिस को मुखबिर से गिरोह की गतिविधियों की सटीक सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर अखंडनगर पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त अभियान चलाते हुए कुंदा भैरोपुर सर्विस लेन के पास घेराबंदी की। पुलिस ने मौके से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सरफराज मलिक (19 वर्ष), निवासी लोनी, जनपद गाजियाबाद, अंकित कुमार (29 वर्ष), निवासी ककरौली, जनपद मुजफ्फरनगर, सुहेल मलिक (25 वर्ष), निवासी सैफपुर करमचन्दपुर, हस्तिनापुर, मेरठ, आमिर मलिक (25 वर्ष), निवासी मेरठ, मोहम्मद अयूब (22 वर्ष), निवासी मेरठ शामिल हैं।
बरामदगी में नकदी, असलहे और कार शामिल
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 1,99,800 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा सरफराज मलिक के पास से 315 बोर का अवैध तमंचा और कारतूस, जबकि अंकित कुमार के पास से 312 बोर का अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं। वारदात में प्रयुक्त दिल्ली नंबर की वैगनआर कार भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है।
पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
मोबाइल टावरों से उपकरण चोरी करने वाले इस संगठित गिरोह के खुलासे को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने इस सराहनीय कार्रवाई के लिए अखंडनगर पुलिस और एसओजी टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है।
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