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पुरुषोत्तम मास में गूंजा शिव महापुराण का अमृत संदेश, कथा श्रवण से दूर होते हैं जीवन के दुःख: पं. राजकुमार शास्त्री

सुलतानपुर। जनपद के बल्दीराय कस्बे में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित शिव महापुराण कथा के प्रथम दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्राचीन शिव मंदिर प्रांगण में शुरू हुई इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान भोलेनाथ की महिमा का श्रवण कर स्वयं को धन्य महसूस किया।

कथा के प्रथम दिन प्रसिद्ध कथावाचक पंडित राजकुमार शास्त्री ने शिव महापुराण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान शिव की कथा सुनना मात्र ही मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला होता है। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण का श्रवण व्यक्ति के मानसिक, आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को नई दिशा प्रदान करता है तथा उसके जीवन के अनेक दुःखों और कष्टों का निवारण करता है।

भगवान शिव की भक्ति से मिलता है आध्यात्मिक बल

अपने प्रवचन के दौरान पं. शास्त्री ने कहा कि भगवान शिव की आराधना व्यक्ति को आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है। शिव भक्ति मनुष्य को धर्म, सत्य, संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। जब व्यक्ति अपने जीवन में इन मूल्यों को अपनाता है तो उसके जीवन की अनेक समस्याएं स्वतः समाप्त होने लगती हैं और उसे मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि शिव केवल संहार के देवता नहीं, बल्कि करुणा, दया और कल्याण के प्रतीक हैं। भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों पर सदैव कृपा बरसाते हैं और सच्चे मन से की गई भक्ति का फल अवश्य प्रदान करते हैं।

पुरुषोत्तम मास का बताया विशेष महत्व

कथावाचक ने पुरुषोत्तम मास की महत्ता पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि सनातन धर्म में इस माह को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है। इस दौरान भगवान की उपासना, जप-तप, दान-पुण्य और धार्मिक कथाओं का श्रवण विशेष फलदायी माना जाता है। उन्होंने कहा कि पुरुषोत्तम मास में शिव महापुराण का श्रवण करने से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है और उसके जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का आगमन होता है। यही कारण है कि इस माह में धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व होता है और श्रद्धालु बढ़-चढ़कर उनमें सहभागिता करते हैं।

शिव महिमा सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

कथा के दौरान भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों, उनकी दिव्य लीलाओं तथा भक्तों पर बरसने वाली उनकी कृपा का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा सुनते हुए श्रद्धालु पूरी तरह भक्ति रस में डूबे नजर आए। समय-समय पर “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। धार्मिक वातावरण में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर भगवान भोलेनाथ की आराधना की और आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति प्राप्त की।

व्यास पीठ की आरती और महाप्रसाद वितरण

कथा के समापन अवसर पर मुख्य यजमान एवं पूर्व गणित प्रवक्ता जय बहादुर सिंह ने अपने परिवार सहित व्यास पीठ की विधिवत आरती उतारी। इसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच शिव महाप्रसाद का वितरण किया गया। महाप्रसाद ग्रहण कर भक्तों ने आयोजन की सराहना की और आगामी दिनों में भी कथा में शामिल होने का संकल्प लिया।

बड़ी संख्या में मौजूद रहे श्रद्धालु

इस अवसर पर अमरजीत सिंह, आरपी सिंह, केपी सिंह, वैभव सिंह, ऋषभ सिंह, रिभू सिंह, राम कुमार सिंह, रंजीत सिंह, शिव बरदान सिंह, हर्ष सिंह, आरएन गुप्ता, अशोक सिंह, मीनू सिंह, रेनू सिंह, उमा सिंह, सीमा सिंह, रीना सिंह, निष्ठा सिंह, आराध्या सिंह, तनिष्का सिंह, मान्डवी सिंह, समृद्धि सिंह एवं विधि सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं श्रोता उपस्थित रहे।

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Suyash Chitranshi
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