सुलतानपुर। जिले के दुबेपुर ब्लॉक क्षेत्र में शनिवार को राष्ट्रीय पक्षी मोर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत अवस्था में मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर स्थित सारनाथ ढाबे के निकट नरायनपुर बिसानी गांव के पास सड़क किनारे मोर का शव मिलने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीरों की भीड़ मौके पर जुट गई। घटना की जानकारी तत्काल वन विभाग को दी गई, जिसके बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।
राष्ट्रीय पक्षी मोर की इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने स्थानीय लोगों को चिंतित कर दिया है। प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। वन विभाग का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मोर की मौत किसी दुर्घटना, बीमारी, विषाक्त पदार्थ के सेवन या किसी अन्य कारण से हुई है। फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार शनिवार को अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर स्थित सारनाथ ढाबे के पास से गुजर रहे लोगों की नजर सड़क किनारे पड़े एक मोर के शव पर पड़ी। देखते ही देखते यह सूचना पूरे क्षेत्र में फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। राष्ट्रीय पक्षी की मौत की खबर से लोगों में दुख और चिंता का माहौल देखने को मिला।
स्थानीय लोगों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद विभागीय अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए टीम को घटनास्थल पर रवाना किया। विभागीय टीम ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।
दुबेपुर के वनाधिकारी सौरभ यादव ने बताया कि सूचना प्राप्त होते ही विभागीय कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मृत मोर के शव का विधिवत पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मोर की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
वनाधिकारी ने बताया कि फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विभाग सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रहा है ताकि वास्तविक कारण सामने आ सके।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होगी। यदि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई होगी तो रिपोर्ट में इसका उल्लेख होगा, जबकि दुर्घटना, विषाक्त भोजन, करंट या अन्य किसी वजह से मौत होने की स्थिति भी रिपोर्ट में स्पष्ट हो सकती है।
रिपोर्ट आने के बाद आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अवैध गतिविधि सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है और इसे वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत विशेष संरक्षण प्राप्त है। ऐसे में किसी भी मोर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत वन विभाग के लिए गंभीर मामला माना जाता है। वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसलिए इस घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।
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