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कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक हुए ताजिए, मुहर्रम पर उमड़ा आस्था का सैलाब; सांप्रदायिक सौहार्द की बनी मिसाल

सुलतानपुर। जिले के दुबेपुर ब्लॉक अंतर्गत प्रतापगंज क्षेत्र में मुहर्रम की 10वीं तारीख पर आयोजित धार्मिक आयोजन श्रद्धा, अनुशासन और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बनकर सामने आया। क्षेत्र के लगभग एक दर्जन गांवों से निकले ताजिए पारंपरिक जुलूस के साथ कर्बला शरीफ पहुंचे, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पूरे आयोजन के दौरान हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में अकीदतमंदों ने मातम किया और उनकी कुर्बानी को नमन करते हुए दुआएं मांगीं।

इस दौरान क्षेत्र में अमन-चैन और भाईचारे का अनूठा संदेश देखने को मिला। बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने भी कर्बला शरीफ पहुंचकर जियारत की तथा देश और समाज में शांति, खुशहाली और आपसी सद्भाव की दुआ की। प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

रामनगर बनकट के ग्राम प्रधान संजीत शर्मा ने मुहर्रम के अवसर पर कहा कि जब तक वह जीवित रहेंगे, तब तक हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक भाईचारे को मजबूत करने के लिए हर धार्मिक और सामाजिक आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह किसी प्रकार की राजनीति नहीं करते, बल्कि हर समुदाय के सुख-दुख में समान रूप से खड़े रहते हैं। उनका कहना था कि समाज की मजबूती आपसी प्रेम, सम्मान और सहभागिता से ही संभव है। ग्राम प्रधान के इस संदेश की स्थानीय लोगों ने सराहना की। क्षेत्र के लोगों ने इसे गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बताया।

मुहर्रम के अवसर पर सुबह से ही कर्बला शरीफ में श्रद्धालुओं और अकीदतमंदों का तांता लगा रहा। लोगों ने फातिहा पढ़ी, दुआएं मांगीं और हजरत इमाम हुसैन की इंसानियत, न्याय और सत्य के लिए दी गई महान शहादत को याद किया। महिलाओं ने भी कर्बला पहुंचकर जियारत की और परिवार, समाज तथा देश में सुख-शांति और भाईचारे की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक परंपराओं का पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ पालन किया गया। हर ओर गम, अकीदत और इंसानियत का संदेश सुनाई देता रहा।

मुहर्रम के अवसर पर कर्बला परिसर में पारंपरिक मेले का भी आयोजन किया गया, जहां आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बच्चों ने झूलों और मनोरंजन के विभिन्न साधनों का आनंद लिया, जबकि खान-पान, खिलौनों तथा घरेलू उपयोग की वस्तुओं की दुकानों पर दिनभर अच्छी-खासी भीड़ रही।

ग्रामीण परिवारों ने धार्मिक आयोजन के साथ-साथ मेले में खरीदारी भी की। इससे स्थानीय व्यापारियों में भी उत्साह देखने को मिला और पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

मुहर्रम के जुलूस और ताजिया दफन कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए थाना कोतवाली देहात की प्रतापगंज चौकी पुलिस पूरी तरह सक्रिय रही। चौकी प्रभारी हरिशंकर राय अपने हमराहियों के साथ लगातार जुलूस के साथ चलते रहे और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे।

जुलूस मार्ग, कर्बला परिसर और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस टीम लगातार गश्त करती रही और पूरे आयोजन पर पैनी नजर बनाए रखी। प्रशासन की मुस्तैदी और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से कहीं भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।

इस अवसर पर हेड कांस्टेबल राजू, हेड कांस्टेबल अजय यादव, कांस्टेबल संजय वर्मा, कांस्टेबल अजीत यादव, हेड कांस्टेबल महेंद्र यादव, कांस्टेबल मनीष सिंह, कांस्टेबल भानु कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे।

धार्मिक आयोजन में रामनगर बनकट के कोटेदार फरियाद खान, अमन, साहिल, सुनील प्रताप, भावी जिला पंचायत सदस्य वार्ड संख्या-36, लवलेश यादव, शीतला यादव, अमजद खान, सिराज खान, आमिर, इलू खान, मोनू खान, अजीज खान सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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Suyash Chitranshi
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