सुलतानपुर। जनपद को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से पूरी तरह सुरक्षित बनाए रखने और पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से रविवार, 28 जून 2026 को आयोजित होने वाले ‘पोलियो दिवस’ से पूर्व शनिवार को सुलतानपुर कलेक्ट्रेट परिसर से एक विशाल जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और जिले के सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को नजदीकी पोलियो बूथ पर ले जाकर पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं।
यह रैली केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि लोगों के बीच पोलियो उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रत्येक बच्चे तक जीवनरक्षक पोलियो ड्रॉप पहुंचाने का संदेश देने का महत्वपूर्ण प्रयास रही। प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक लेने से वंचित न रहे।
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन का मानना है कि पोलियो जैसी बीमारी पर स्थायी नियंत्रण तभी संभव है, जब समाज का प्रत्येक नागरिक इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाए। इसी सोच के साथ जनपद में व्यापक जनसंपर्क और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
28 जून को आयोजित होने वाले ‘पोलियो दिवस’ के मद्देनजर शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर से जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रैली का उद्देश्य जनपदवासियों को पल्स पोलियो अभियान के प्रति जागरूक करना तथा प्रत्येक परिवार तक यह संदेश पहुंचाना था कि पांच वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दवा अवश्य पिलाई जाए।
रैली के दौरान लोगों को पोलियो उन्मूलन अभियान की महत्ता बताते हुए बच्चों के समय पर टीकाकरण और पोलियो ड्रॉप पिलाने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे अभियान के दौरान नजदीकी पोलियो बूथ पर पहुंचकर अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं।
मुख्य विकास अधिकारी ने रैली को रवाना करते हुए कहा कि पल्स पोलियो अभियान एक राष्ट्रीय जनस्वास्थ्य कार्यक्रम है, जिसकी सफलता में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पोलियो की दवा पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है तथा यह बच्चों को जीवनभर की विकलांगता जैसी गंभीर समस्या से बचाती है।
उन्होंने अभिभावकों से विशेष रूप से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की भ्रांति या अफवाह पर ध्यान न दें और अपने 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को निर्धारित पोलियो बूथ पर ले जाकर दवा अवश्य पिलाएं। उन्होंने कहा कि एक भी बच्चा यदि पोलियो की खुराक से वंचित रह जाता है तो अभियान का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने वर्षों की मेहनत और लगातार चलाए गए टीकाकरण अभियानों के माध्यम से पोलियो पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है। हालांकि इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए नियमित पल्स पोलियो अभियान और लोगों की सतत जागरूकता बेहद आवश्यक है।
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी बच्चा पोलियो की दवा लेने से न छूटे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कर्मी और प्रशासनिक अधिकारी मिलकर अभियान को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि 28 जून को आयोजित होने वाले पोलियो दिवस के अवसर पर अपने बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर लेकर अवश्य जाएं। यदि किसी कारणवश बच्चा बूथ तक नहीं पहुंच पाता है, तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर जाकर भी अभियान चलाया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र बच्चा छूटने न पाए।
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