Maharana Pratap Statue Reinstalled in Kadipur on Maharana Pratap Jayanti, Unveiled by Brij Bhushan Sharan Singh

महाराणा प्रताप जयंती पर कादीपुर में पुनः स्थापित हुई महाराणा प्रताप की प्रतिमा, बृजभूषण शरण सिंह ने किया अनावरण

सुलतानपुर। सुलतानपुर के कादीपुर में शनिवार को पूर्व भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी शैलेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री ओपी सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू और नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद जायसवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण समारोह में पहुंचे पूर्व सांसद व वरिष्ठ भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने सामाजिक समरसता, आरक्षण और सर्व समाज को साथ लेकर चलने पर जोर दिया। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में सर्व समाज और गुमनाम शहीदों का बड़ा योगदान रहा, लेकिन इतिहास में कई बलिदानों को भुला दिया गया। आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वह आरक्षण के विरोधी नहीं हैं, लेकिन सवाल यह है कि गांव के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब और जरूरतमंद लोगों तक इसका पूरा लाभ कब पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों तक योजनाओं और अधिकारों का लाभ पहुंचना चाहिए।

बृजभूषण सिंह ने कहा कि यदि सर्व समाज को साथ लेकर चला जाएगा तभी समाज का सम्मान और प्रभाव कायम रहेगा। उन्होंने ब्राह्मण समाज से कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और उन्हें अग्रिम पंक्ति में स्थान देने की अपील भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ – सबका विकास के मंत्र को भगवान राम की परंपरा से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि पहले गांव में किसी एक घर में उत्सव होता था तो पूरे समाज में खुशी मनाई जाती थी। मंच से उन्होंने हिंदू समाज के सभी वर्गों को जोड़ने और सामाजिक सौहार्द मजबूत करने का आह्वान किया।

उल्लेखनीय है कि महाराणा प्रताप की यह प्रतिमा शुक्रवार शाम को कादीपुर स्थित मालापुर जगदीशपुर में शासन द्वारा आवंटित भूमि पर स्थापित की गई थी। इससे पहले 4 मई की रात को राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन ने इस प्रतिमा को हटवा दिया था।

इसके बाद क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम ने जिलाधिकारी से मिलकर चिह्नित भूमि के आवंटन के लिए शासन को पत्र लिखा था। गुरुवार को शासन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर संस्तुति प्रदान की, जिसके बाद प्रतिमा को पुनः स्थापित किया जा सका।

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Suyash Chitranshi
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