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लखनऊ अग्निकांड के दिवंगत विद्यार्थियों को दी गई श्रद्धांजलि, शिक्षण संस्थानों में सख्त फायर सेफ्टी व्यवस्था लागू करने की उठी मांग

सुलतानपुर। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड में 15 बच्चों एवं युवाओं की असमय मृत्यु से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। इस दर्दनाक हादसे ने न केवल मृतक परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है, बल्कि शिक्षा संस्थानों और सार्वजनिक भवनों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। इसी क्रम में सुलतानपुर जिले के कूरेभार क्षेत्र स्थित कटका बाजार में दिवंगत विद्यार्थियों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जहां लोगों ने मृतकों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग उठाई।

कटका क्लब सामाजिक संस्था एवं विश्व हिंदू परिषद प्रखण्ड कूरेभार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं संगठन पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत विद्यार्थियों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा मोमबत्तियां जलाकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्रद्धांजलि सभा केवल शोक व्यक्त करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर भी गंभीर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों और युवाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए तथा सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे कटका क्लब सामाजिक संस्था के अध्यक्ष डॉ. सौरभ मिश्र ‘विनम्र’ ने कहा कि लखनऊ में हुई यह दुखद घटना केवल कुछ परिवारों की व्यक्तिगत क्षति नहीं है, बल्कि पूरे समाज और प्रदेश के लिए एक अपूरणीय नुकसान है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके दर्द की भरपाई संभव नहीं है।

डॉ. मिश्र ने प्रदेश सरकार एवं प्रशासन से मांग की कि राज्य के सभी विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, छात्रावासों और सार्वजनिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों में सुरक्षा उपकरण अधूरे हैं या मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि केवल कागजी कार्रवाई से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी निरीक्षण और जवाबदेही तय करना आवश्यक है। यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए तो ऐसी अनेक घटनाओं को रोका जा सकता है।

विश्व हिंदू परिषद कूरेभार प्रखण्ड अध्यक्ष शीतला प्रसाद पांडेय एवं प्रखण्ड मंत्री चंद्र प्रकाश तिवारी ने संयुक्त रूप से कहा कि लखनऊ की घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई शिक्षण संस्थानों में आज भी पर्याप्त सुरक्षा संसाधनों का अभाव है, जो भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

उन्होंने मांग की कि सभी शिक्षण संस्थानों में फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता, अग्निशमन यंत्रों का नियमित रखरखाव, आपातकालीन निकास द्वार तथा सुरक्षा प्रशिक्षण को अनिवार्य किया जाए। इसके साथ ही समय-समय पर मॉक ड्रिल और सुरक्षा अभ्यास भी आयोजित किए जाने चाहिए ताकि किसी आपात स्थिति में विद्यार्थी और कर्मचारी सुरक्षित तरीके से बाहर निकल सकें।

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि हाल के वर्षों में विभिन्न स्थानों पर हुई आगजनी की घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन बेहद आवश्यक है। लोगों ने प्रशासन से नियमित निरीक्षण अभियान चलाने और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

श्रद्धांजलि सभा में धर्मेंद्र शर्मा, मोहित सिंह, सालिक राम मिश्र, बब्बन पांडेय, राम लाल पाल, अवधेश शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, राहुल शर्मा सहित क्षेत्र के दर्जनों नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत विद्यार्थियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi