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समस्याओं के समाधान को लेकर लेखपाल संघ का अल्टीमेटम, 19 मई से अतिरिक्त क्षेत्रों का चार्ज छोड़ने की चेतावनी

सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की उपशाखा बल्दीराय ने लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर प्रशासन के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। संघ पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी बल्दीराय को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 19 मई 2026 तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो तहसील के सभी मूल लेखपाल अपने अतिरिक्त क्षेत्रों का प्रभार तहसील प्रशासन को सौंप देंगे।

लेखपाल संघ के इस फैसले के बाद तहसील प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि यदि समय रहते वार्ता कर समाधान नहीं निकाला गया तो राजस्व कार्यों पर सीधा असर पड़ सकता है और आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

संघ पदाधिकारियों ने बताया कि लेखपालों की समस्याओं को लेकर 08 मई 2026 को भी प्रशासन को ज्ञापन और मेमो के माध्यम से अवगत कराया गया था। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी व्याप्त है।

ज्ञापन में कहा गया है कि लंबे समय से लेखपालों को अतिरिक्त क्षेत्रों का कार्यभार संभालना पड़ रहा है, जिससे उन पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। संघ का आरोप है कि प्रशासन कर्मचारियों की मूलभूत समस्याओं के समाधान की ओर गंभीरता नहीं दिखा रहा, जबकि कार्य का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

लेखपाल संघ ने साफ कर दिया है कि 19 मई के बाद सभी लेखपाल केवल अपने मूल क्षेत्र का ही कार्य करेंगे और अतिरिक्त प्रभार का कार्य पूरी तरह बंद कर देंगे। संघ के अध्यक्ष संतराम यादव और मंत्री कमलेश यादव ने कहा कि अतिरिक्त चार्ज तहसील प्रशासन को सौंपने के बाद यदि किसी प्रकार की प्रशासनिक अव्यवस्था, राजस्व कार्यों में बाधा या जनसमस्याएं उत्पन्न होती हैं तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की होगी।

संघ नेताओं ने यह भी कहा कि लेखपालों की समस्याओं का समाधान किए बिना प्रशासन उनसे अतिरिक्त जिम्मेदारियों की अपेक्षा नहीं कर सकता। उन्होंने मांग की कि शासन और प्रशासन तत्काल वार्ता कर समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकाले।

इस अल्टीमेटम के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के बीच भी चिंता बढ़ गई है, क्योंकि अतिरिक्त क्षेत्रों का कार्य बंद होने से दाखिल-खारिज, आय-जाति प्रमाण पत्र, भूमि संबंधी विवाद और अन्य राजस्व कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो तहसील स्तर पर कामकाज की रफ्तार धीमी पड़ सकती है और आम नागरिकों को सरकारी कार्यों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi