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नौकरी नहीं, बंदूक का लाइसेंस चाहिए! डीएम इंद्रजीत सिंह के बयान ने सुलतानपुर को सोचने पर किया मजबूर

सुलतानपुर। जनपद सुलतानपुर में आयोजित ‘भविष्य ज्योति-2026’ सम्मान समारोह के मंच से जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने युवाओं की मानसिकता को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने पूरे जिले में नई बहस छेड़ दी है। अक्सर सरकारी अधिकारी मंचों से प्रेरणादायक बातें करते नजर आते हैं, लेकिन इस बार डीएम ने युवाओं के सामने समाज की एक ऐसी हकीकत रख दी, जिस पर शायद ही कभी खुले मंच से चर्चा हुई हो।

डीएम इंद्रजीत सिंह ने कहा कि उनके पास प्रतिदिन 5 से 10 युवा नौकरी, रोजगार या स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी लेने नहीं, बल्कि बंदूक का लाइसेंस बनवाने की मांग लेकर पहुंचते हैं। उन्होंने इस प्रवृत्ति को समाज और विशेष रूप से युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।

“कलम छोड़कर बंदूक की ओर बढ़ रहे हैं युवा”

समारोह को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि आज के समय में युवाओं का एक बड़ा वर्ग शिक्षा, कौशल और रोजगार की बजाय हथियारों को प्रतिष्ठा का प्रतीक मानने लगा है। उन्होंने कहा कि कई युवाओं को लगता है कि यदि उनके पास रिवॉल्वर या बंदूक का लाइसेंस होगा तो समाज में उनका रुतबा और प्रभाव बढ़ जाएगा।

डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “लाइसेंस मांगने आने वाले अधिकांश युवा पेशेवर शूटर नहीं होते, बल्कि उनका उद्देश्य केवल समाज में अपना रौब दिखाना होता है।”

सोशल मीडिया ने बढ़ाया हथियारों का आकर्षण

जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आजकल युवाओं में सोशल मीडिया प्रोफाइल पर “I Have a Gun” लिखकर दिखाने और हथियारों के साथ फोटो साझा करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। बंदूक अब सुरक्षा का साधन कम और स्टेटस सिंबल अधिक बनती जा रही है।

उन्होंने कहा कि यह प्रवृत्ति समाज के लिए खतरनाक संकेत है, क्योंकि इससे युवाओं का ध्यान शिक्षा, रोजगार और रचनात्मक कार्यों से भटक रहा है।

“प्रोफेशनल शूटर को तुरंत दूंगा लाइसेंस”

डीएम इंद्रजीत सिंह ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति खेलों में भाग लेने वाला पेशेवर शूटर है और उसे वास्तविक आवश्यकता है तो प्रशासन उसकी मदद करने के लिए तैयार है। लेकिन केवल सामाजिक प्रतिष्ठा या दिखावे के लिए हथियार रखने की मानसिकता को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता।

उन्होंने कहा, “अगर कोई प्रोफेशनल शूटर मेरे पास आएगा तो मैं तत्काल उसका लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाऊंगा, लेकिन केवल स्टेटस के लिए बंदूक रखने की सोच बदलनी होगी।”

डीएम के बयान पर जिले में चर्चा

डीएम इंद्रजीत सिंह का यह बयान सोशल मीडिया से लेकर जनचर्चाओं तक का विषय बन गया है। कई लोगों ने इसे युवाओं को सही दिशा दिखाने वाला साहसिक बयान बताया है, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि यह समाज में बढ़ रही दिखावे की संस्कृति पर सीधा प्रहार है।

जिले के बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों का कहना है कि युवाओं को हथियारों के आकर्षण से निकालकर शिक्षा, खेल, तकनीक और रोजगार की ओर प्रेरित करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। डीएम का यह संदेश केवल सुलतानपुर ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी और आत्ममंथन का विषय है।

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Suyash Chitranshi
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