जौनपुर। (Ati Pichda Adhikar Maharally) सामाजिक न्याय और अति पिछड़ा वर्ग के अधिकारों को लेकर जनपद जौनपुर में एक बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। भारतीय मानव समाज पार्टी के तत्वावधान में आगामी 10 मई 2026 को बयालसी डिग्री कॉलेज मैदान में “अति पिछड़ा अधिकार महारैली” का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस महारैली को लेकर जलालपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं ने अपनी मांगों, रणनीतियों और उद्देश्य को विस्तार से रखा।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष केवट रामधनी बिंद ने कहा कि देश में अति पिछड़ा वर्ग आज भी अपने अधिकारों से वंचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में आरक्षण और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ वास्तविक पात्रों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने जस्टिस जी. रोहिणी आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग उठाते हुए कहा कि कर्पूरी ठाकुर फार्मूले के आधार पर अति पिछड़ा वर्ग के लिए अलग आरक्षण कोटा तय किया जाना चाहिए। उनका स्पष्ट कहना था कि जब तक वर्गीकरण नहीं होगा, तब तक न्यायसंगत वितरण संभव नहीं है।
इसी क्रम में पूर्व ब्लॉक प्रमुख संदीप सिंह ने सरकार से विभिन्न विभागों में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने की मांग की। उन्होंने मनरेगा योजना के तहत 200 दिनों का रोजगार और 600 रुपये दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की मनमानी पर नियंत्रण लगाने और बड्स एक्ट 2019 के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया।
वहीं राष्ट्र उदय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू राम पाल ने जनगणना में आदिवासियों के लिए अलग धर्म कोड की मांग उठाई। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश की कोल जनजाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की बात कही। उन्होंने वन अधिकार कानून के सख्ती से पालन पर भी जोर देते हुए कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है।
प्रेस वार्ता के दौरान उपस्थित सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि आगामी 10 मई की अति पिछड़ा अधिकार महारैली को ऐतिहासिक बनाया जाएगा। इसके लिए गांव-गांव जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
