सुलतानपुर। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक अनूप संडा ने भाजपा पर हमला बोला है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो के माध्यम से अनूप संडा ने इस पूरे मामले में कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चढ़ावे की रकम में चोरी की जांच के साथ-साथ यह भी जांच का विषय होना चाहिए कि आखिर किसके आदेश और किस मंशा से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया।
पूर्व विधायक ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि यदि ट्रस्ट सूचना के अधिकार के दायरे में होता तो कथित अनियमितताओं या वित्तीय गड़बड़ियों की जानकारी पहले ही सामने आ सकती थी। उन्होंने इस पूरे मामले की किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि जांच केवल चोरी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और उससे जुड़े प्रशासनिक निर्णयों की भी पड़ताल होनी चाहिए।
अपने वीडियो की शुरुआत में अनूप संडा ने एक मशहूर शेर का हवाला देते हुए कहा “तू इधर-उधर की न बात कर, ये बता कि कारवां क्यों लुटा। मुझे रहजनों से गरज नहीं, तेरी रहबरी पर सवाल है।” इसके बाद उन्होंने कहा कि सवाल केवल चोरी का नहीं है, बल्कि उन व्यवस्थाओं का भी है जिनके कारण ऐसी स्थिति पैदा हुई। यदि किसी संस्था को पारदर्शिता के दायरे से बाहर रखा जाता है तो जवाबदेही भी कमजोर पड़ जाती है।
वरिष्ठ सपा नेता ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट लंबे समय से सूचना के अधिकार अधिनियम के दायरे से बाहर है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह निर्णय किसके आदेश पर और किस उद्देश्य से लिया गया। उन्होंने कहा कि यदि ट्रस्ट RTI के दायरे में होता तो कथित वित्तीय अनियमितताओं या अन्य शिकायतों की जानकारी पहले ही सार्वजनिक हो सकती थी। उनके अनुसार, इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए कि ट्रस्ट को RTI के दायरे से बाहर रखने के पीछे किसकी भूमिका रही।
अनूप संडा ने केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी और संघ परिवार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि इस पूरे मामले की किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराई जाती है तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी राय में इस मामले में केंद्र सरकार, भाजपा और संघ परिवार की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि निष्पक्ष जांच होने पर ऐसे नाम सामने आ सकते हैं जिनके लिए सार्वजनिक रूप से जवाब देना कठिन हो जाएगा।
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