अमेठी। अमेठी के रामगंज क्षेत्र स्थित नरहरपुर गांव में आंबेडकर प्रतिमा स्थापना (Ambedkar Statue Dispute) को लेकर हुए विवाद के बाद शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में हलचल देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के नेता जयसिंह प्रताप यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और अतिरिक्त एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और निर्दोष ग्रामीणों पर कार्रवाई रोकने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, 12 अप्रैल को गांव में आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की गई थी। सूचना मिलने पर प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और चबूतरा हटवाकर प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रख दिया गया।
इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पथराव की घटना भी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नौ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि कार्रवाई में संतुलन नहीं बरता गया। उनका कहना है कि प्रतिमा स्थापना में दलित समुदाय के लोग शामिल थे, लेकिन बाद में कार्रवाई का पूरा दायरा ग्रामीणों तक सीमित कर दिया गया। कई गरीब परिवारों के लोगों को जेल भेजे जाने से गांव में भय का माहौल बना हुआ है।
ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, निर्दोष लोगों को राहत दी जाए और गांव में सामान्य स्थिति बहाल की जाए। साथ ही आपसी संवाद के माध्यम से समाधान निकालने पर भी जोर दिया गया।
वहीं, अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
