सुलतानपुर। जिले के धनपतगंज विकास खंड से एक बेहद मार्मिक मामला सामने आया है, जहां आकाशीय बिजली गिरने से पति की मौत के 10 महीने बाद भी एक बुजुर्ग महिला को सरकारी मुआवजा नहीं मिल सका। पीड़िता अब न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, धनपतगंज विकास खंड के हरना हरौरा क्षेत्र के पूरे कुलपति गांव में 15 जुलाई 2025 को खेत में काम कर रहे हरीराम पर आकाशीय बिजली गिर गई थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पीड़ित परिवार को जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि करीब 10 महीने बीत जाने के बावजूद पीड़िता को दैवीय आपदा राहत के तहत एक भी रुपया नहीं मिल पाया है। मृतक हरीराम निःसंतान थे और उनके परिवार में केवल उनकी पत्नी धनपता ही थीं। पति की मौत के बाद अब वह पूरी तरह अकेली हो गई हैं और जीवन यापन के लिए संघर्ष कर रही हैं।
पीड़िता के मुताबिक, बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब थक-हारकर बुजुर्ग महिला ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में अपनी शिकायत दर्ज कराई है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है, जहां एक असहाय महिला को समय पर सहायता नहीं मिल पा रही है। आंखों में आंसू और चेहरे पर बेबसी लिए पीड़िता की हालत पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रही है।
अब देखना यह होगा कि शिकायत के बाद प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी संज्ञान लेकर पीड़िता को उसका हक दिला पाता है या फिर यह मामला भी सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह जाएगा।
