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पयागीपुर स्थित रेस्टोरेंट में हुई मारपीट का CCTV फुटेज का वीडियो वायरल, FIR न दर्ज होने पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

सुलतानपुर। जिले के पयागीपुर क्षेत्र में स्थित एक रूफटॉप रेस्टोरेंट में हुई मारपीट का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग रेस्टोरेंट परिसर के भीतर खुलेआम मारपीट और हंगामा करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की है। उनका कहना है कि घटना के तुरंत बाद स्थानीय थाने में शिकायत दी गई थी, बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे पीड़ित परिवार में नाराजगी और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।

वायरल वीडियो और पुलिस पर लगाए गए आरोपों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो इससे अपराधियों के हौसले और बढ़ सकते हैं।

जानकारी के अनुसार यह घटना 15 जून की है। पयागीपुर स्थित एक रूफटॉप रेस्टोरेंट में कुछ लोग भोजन और मनोरंजन के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद कुछ ही मिनटों में इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई।

वायरल सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि रेस्टोरेंट के भीतर कई लोग एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसा रहे हैं। मौके पर मौजूद अन्य लोग बीच-बचाव करने का प्रयास करते दिखाई देते हैं, लेकिन स्थिति काफी देर तक तनावपूर्ण बनी रहती है। घटना के दौरान रेस्टोरेंट में मौजूद ग्राहकों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मारपीट में घायल हुए पक्ष का आरोप है कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद पुलिस को लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। उनका कहना है कि पर्याप्त साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस अब तक मुकदमा दर्ज करने में रुचि नहीं दिखा रही है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन एफआईआर दर्ज न होने की बात को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।

जैसे ही घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हुआ, लोगों ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जतानी शुरू कर दी। कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब घटना कैमरे में रिकॉर्ड है और वीडियो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, तो फिर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है।

पुलिस से अपेक्षित कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए पीड़ित पक्ष ने अब जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि वायरल सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।

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Suyash Chitranshi
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