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सुलतानपुर में चक्रवाती तूफान का कहर: मोतिगरपुर थाने की 120 फीट बाउंड्रीवाल गिरी, 30 हजार से अधिक लोग अंधेरे में, टीन शेड गिरने से पांच बच्चे घायल

तेज आंधी-बारिश से मोतिगरपुर, लम्भुआ और आसपास के इलाकों में भारी नुकसान, बिजली व्यवस्था चरमराई, सड़कों पर गिरे पेड़ और खंभों से जनजीवन प्रभावित

सुलतानपुर। जिले में गुरुवार शाम आए चक्रवाती तूफान और मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचाई। तेज हवाओं की रफ्तार इतनी अधिक थी कि मोतिगरपुर थाने की करीब 120 फीट लंबी बाउंड्रीवाल भरभराकर गिर गई। जिले के मोतिगरपुर, लम्भुआ और आसपास के कई गांवों में बिजली के पोल, हाईटेंशन लाइनें और केबल क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे करीब 25 से 35 हजार की आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर हो गई। कई स्थानों पर पेड़ और डालियां सड़कों पर गिरने से आवागमन भी प्रभावित रहा।

तूफान का सबसे दर्दनाक असर मोतिगरपुर विकासखंड के सुलेमपुर गांव में देखने को मिला, जहां तेज हवा के कारण एक मकान का टीन शेड उड़कर खेल रहे पांच बच्चों पर गिर गया। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि ग्रामीणों की तत्परता और समय पर मिले उपचार के कारण सभी घायल बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार जिले में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली तथा 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जबकि कई स्थानों पर हवा के झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचे। इस तेज मौसमीय बदलाव ने बिजली व्यवस्था, यातायात और आम जनजीवन पर व्यापक असर डाला।

मोतिगरपुर थाने की बाउंड्रीवाल धराशायी, बिजली व्यवस्था हुई ध्वस्त
गुरुवार शाम आए चक्रवाती तूफान की तेज हवाओं के सामने मोतिगरपुर थाने की करीब 120 फीट लंबी बाउंड्रीवाल भी टिक नहीं सकी और अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इसी दौरान मोतिगरपुर कस्बे, मोतिगरपुर गांव, दलित बस्ती, पाठक बस्ती, गौरा शाहपुर लपटा, डींगुरपुर बनकेगांव, खेमाजितपुर, डड़वाकला सहित कई गांवों में बिजली के पोल पर लगे केबल टूट गए। मोतिगरपुर थाने के सामने हाईटेंशन लाइन पर यूकेलिप्टस का पेड़ गिर गया, जबकि एक दुकान पर नीम की बड़ी डाल टूटकर गिरने से नुकसान और बढ़ गया।

30 हजार से अधिक लोग अंधेरे में, मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर
बिजली आपूर्ति बाधित होने से करीब 25 से 35 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। कई गांवों में पूरी रात अंधेरा छाया रहा। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी दैनिक कार्य प्रभावित हुए। मोतिगरपुर फीडर के जूनियर इंजीनियर (जेई) विवेक यादव ने बताया कि चक्रवाती तूफान के कारण कई हाईटेंशन लाइनें और विद्युत केबल क्षतिग्रस्त हो गई हैं। उन्होंने कहा कि गुरुवार रात तक आपूर्ति बहाल होना संभव नहीं था। विभाग की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं और शुक्रवार शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने उपभोक्ताओं से धैर्य और सहयोग बनाए रखने की अपील भी की।

सुलेमपुर में टीन शेड गिरने से पांच बच्चे घायल
मोतिगरपुर विकासखंड के सुलेमपुर गांव में तेज आंधी के दौरान गांव निवासी जीतलाल विश्वकर्मा के मकान की छत पर लगा टीन शेड हवा के तेज झोंकों से उखड़ गया। यह टीन शेड घर के पास खेल रहे पांच बच्चों पर जा गिरा। हादसे में देवशरण के पुत्र ऋषभ, रमेश की पुत्री अंशिका, हौसिला की पुत्री प्रियांशी, दिनेश की पुत्री रुचि और पारसनाथ की पुत्री चाहत घायल हो गए। सभी बच्चों के सिर में चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। एम्बुलेंस की सहायता से सभी घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोतिगरपुर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार किया। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं और उनकी स्थिति सामान्य है। इससे परिजनों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि यदि हादसे के समय वहां अधिक बच्चे मौजूद होते या टीन शेड किसी दूसरी दिशा में गिरता, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। लोगों का मानना है कि ग्रामीणों की तत्परता ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।

15 गांवों की बिजली ठप, हाईवे पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित
मोतिगरपुर क्षेत्र के करीब 15 गांवों में तेज आंधी और बारिश के कारण सुलतानपुर-बलिया राजमार्ग पर कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां टूटकर गिर गईं। दियरा से पारसपट्टी तक कई जगह बिजली के तार और केबल टूट गए। मोतिगरपुर, डींगुरपुर बनकेगांव, गौरा, शाहपुर लपटा सहित लगभग 15 गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। सड़कों पर गिरी डालियों के कारण कुछ समय तक वाहनों का आवागमन भी प्रभावित रहा। जयसिंहपुर के अधिशासी अभियंता संजय कुमार ने बताया कि क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने का कार्य जारी है।

लम्भुआ में बिजली का खंभा टूटा, सड़क पर गिरे तार
लम्भुआ क्षेत्र में भी तेज आंधी का असर देखने को मिला। बेदूपारा बाईपास के पास एक जर्जर बिजली का खंभा टूटकर सड़क पर गिर गया। इसके साथ बिजली के तार भी सड़क पर फैल गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई और आवागमन प्रभावित हुआ। बेदूपारा-अर्जुनपुर मार्ग पर एक बड़ा पेड़ भी सड़क पर गिर गया, जिसकी चपेट में आकर एक मोटरसाइकिल दब गई। हालांकि किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से तत्काल खंभा और तार हटाकर सुरक्षित तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।

वन विभाग ने हटवाईं पेड़ों की डालियां
तेज आंधी के बाद कई स्थानों पर सड़कों पर पेड़ों की डालियां गिर गई थीं। वन विभाग की ओर से दैनिक वाचर धर्मेंद्र सिंह और उमाशंकर ने हाईवे पर गिरी डालियों को हटवाकर यातायात को सामान्य कराया। इससे लोगों को काफी राहत मिली और वाहनों का आवागमन फिर से शुरू हो सका।

मौसम में राहत, लेकिन नुकसान भारी
भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को बारिश से राहत जरूर मिली। मौसम विभाग के अनुसार दिन में अधिकतम तापमान 39.54 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि बारिश के बाद न्यूनतम तापमान गिरकर 27.75 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। हालांकि इस राहत के साथ आए चक्रवाती तूफान ने जिले में भारी नुकसान भी पहुंचाया।

प्रशासन और बिजली विभाग की टीमें युद्धस्तर पर क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों, पोलों और केबलों की मरम्मत में लगी हुई हैं। वहीं वन विभाग भी सड़कों पर गिरे पेड़ों और डालियों को हटाने का कार्य कर रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि टूटे हुए बिजली के तारों और क्षतिग्रस्त खंभों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें।

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Suyash Chitranshi
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