सुलतानपुर। सुलतानपुर में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परियोजना से जुड़ा 4 लाख रुपये के बकाया भुगतान का मामला तूल पकड़ गया है। मंगलवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार, भुगतान न मिलने पर एक ठेकेदार ने न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश पर कोतवाली नगर थाना में तीन निर्माण कंपनियों के जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
शिकायतकर्ता मुकेश प्रताप सिंह, निवासी सीताकुंड, कोतवाली नगर, ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी फर्म ‘मुकेश कंस्ट्रक्शन’ ने दुबेपुर स्थित मेडिकल कॉलेज निर्माण में गिट्टी-मोरंग की आपूर्ति और जेसीबी से खुदाई का कार्य किया था। यह काम यूनिक इन्फ्रा इंजीनियरिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, पीसीपी प्रोटेक्ट लिमिटेड और यूनिक हाउस के प्रोजेक्ट के तहत हुआ।
आरोप है कि कार्य पूर्ण होने के बावजूद 4 लाख रुपये का भुगतान लंबित रखा गया और बार-बार मांगने पर भी टालमटोल की जाती रही। प्राथमिकी में उल्लेख है कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा कर सरकार को हैंडओवर किया जा चुका है और कक्षाएं भी शुरू हो गई हैं, लेकिन ठेकेदार का भुगतान अब तक नहीं हुआ।
न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने अमित यादव (साइड इंचार्ज, यूनिक हाउस), पीसीपी प्रोटेक्ट लिमिटेड के मैनेजर (उदयपुर, राजस्थान) तथा यूनिक इन्फ्रा इंजीनियरिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक (अहमदाबाद/उदयपुर) के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया गया कि इससे पहले पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत भेजी थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने अदालत का रुख किया। सिविल जज (अवर खंड) के निर्देश पर अब पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है कि सरकारी परियोजना में भुगतान में लापरवाही या कथित धोखाधड़ी किस स्तर पर हुई।
