सुलतानपुर। जिले के दरियापुर 400 केवी विद्युत उपकेंद्र के ग्रामीण फीडर क्षेत्र में पिछले करीब दस घंटे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहने से लगभग 10 हजार की आबादी संकट का सामना कर रही है। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली गुल होने से ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रातभर अंधेरे और गर्मी से परेशान लोगों में विद्युत विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। वहीं धान की रोपाई के मौसम में सिंचाई प्रभावित होने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की ओर से निर्धारित 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जाता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि उन्हें 24 घंटे में मुश्किल से आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। लगातार हो रही अघोषित कटौती और लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। उपभोक्ताओं ने बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग करते हुए जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की अपील की है।
ग्रामीणों के अनुसार रविवार रात करीब दो बजे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। इसके बाद शिवपुरी पाल्हनपुर, गौरा, नरायणपुर, मुरारपुर और अग्रेश्वर समेत कई गांव अंधेरे में डूब गए। सोमवार सुबह तक भी बिजली बहाल नहीं होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बिजली गुल रहने के कारण घरों में लगे पंखे और कूलर बंद हो गए, जिससे भीषण गर्मी और उमस में लोगों की रात जागकर काटनी पड़ी। सुबह के समय भी बिजली न होने से दैनिक कार्य प्रभावित रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से दिन और रात दोनों समय अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। इससे आम लोगों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों और विद्यार्थियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मेहनत-मजदूरी कर घर लौटने वाले लोग रात में आराम तक नहीं कर पा रहे हैं। बिजली न होने के कारण पेयजल की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। अधिकांश घरों में मोटर नहीं चल पाने से पानी की आपूर्ति प्रभावित है, जिससे घरेलू कार्यों में भी दिक्कतें आ रही हैं।
इस समय जिले में धान की रोपाई का कार्य तेजी से चल रहा है। ऐसे में बिजली आपूर्ति बाधित होने से किसानों को खेतों की सिंचाई करने में कठिनाई हो रही है। समय पर पानी नहीं मिलने से रोपाई का कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था सामान्य नहीं हुई तो कृषि कार्य पर इसका व्यापक असर पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की है।
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विद्युत उपकेंद्र का सीयूजी नंबर अधिकांश समय बंद रहता है। ऐसे में बिजली संबंधी शिकायत दर्ज कराने या किसी संभावित विद्युत हादसे की सूचना देने में भी कठिनाई होती है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि जब जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क ही नहीं हो पाता, तब समस्या के समाधान में अनावश्यक देरी होती है। लोगों ने विभाग से शिकायत निस्तारण व्यवस्था को भी मजबूत करने की मांग की है।
क्षेत्र के किसान रामचरण पांडे, ओमप्रकाश, मंगल प्रसाद, संत राम और रामजस सहित अन्य ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप करते हुए विद्युत व्यवस्था में स्थायी सुधार कराने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार खराब बिजली व्यवस्था से खेती, घरेलू जीवन और आम जनजीवन सभी प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने मांग की कि ग्रामीण क्षेत्रों को निर्धारित समय के अनुसार नियमित बिजली उपलब्ध कराई जाए और बार-बार होने वाले फॉल्ट की स्थायी व्यवस्था की जाए।
इस मामले में विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) अमित ने बताया कि क्षेत्र में ओवरलोड के कारण लाइन में बार-बार फॉल्ट आ रहा है। उन्होंने कहा कि रविवार रात से ही तकनीकी टीम फॉल्ट की तलाश और मरम्मत कार्य में जुटी हुई है।
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