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आजाद वर्मा हत्याकांड: गोली लगने से घायल आजाद वर्मा की लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में मौत, छह नामजद, तीन आरोपी गिरफ्तार

सुलतानपुर। जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के कारीबहार जासापारा गांव में पुरानी रंजिश ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया। रविवार शाम गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए आजाद वर्मा की लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान देर रात मौत हो गई। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही उनका शव गांव पहुंचा, पूरे इलाके में मातम पसर गया। परिजनों की चीख-पुकार और ग्रामीणों की भीड़ के बीच माहौल बेहद भावुक हो गया। परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन को मांग पत्र सौंपा।

घटना के बाद पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय नजर आया। सीओ, एसडीएम समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

जानकारी के अनुसार, गोसाईगंज थाना क्षेत्र के कारीबहार गांव निवासी आजाद वर्मा पर रविवार शाम करीब छह बजे उस समय ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई, जब वह गांव में मौजूद थे। हमले में उन्हें कई गोलियां लगीं और वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़े। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े और तत्काल पुलिस को सूचना दी।

गोसाईगंज पुलिस मौके पर पहुंची और घायल आजाद वर्मा को तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। हालांकि, देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

घटना के बाद एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे पुलिस जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वीडियो में घायल अवस्था में आजाद वर्मा कथित तौर पर अपने ऊपर हमला करने वाले लोगों के नाम बताते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उन्होंने गांव के अशोक पांडेय, उनके पुत्र, अनुराग पांडेय, सुनील पांडेय सहित अन्य लोगों के नाम लिए हैं।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, पुलिस ने वीडियो की जांच शुरू कर दी है और उसके तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच अधिकारी इसे मामले के महत्वपूर्ण साक्ष्यों में शामिल कर रहे हैं।

अपर पुलिस अधीक्षक वृजनारायण सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। उनके अनुसार वर्ष 2024 में दोनों पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई थी, जिसके बाद से विवाद लगातार बना हुआ था। प्रथम दृष्टया इसी पुरानी दुश्मनी के चलते सत्यम पांडे और उसके साथियों द्वारा आजाद वर्मा पर गोली चलाने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

मृतक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

घटना ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। जयसिंहपुर के पूर्व समाजवादी पार्टी विधायक अरुण वर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने लिखा कि आजाद वर्मा की अपराधियों द्वारा गोली मारकर हत्या की गई है और पुलिस को तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार करना चाहिए।

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Suyash Chitranshi
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