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पेपर लीक के विरोध में एसएफआई और नौजवान सभा का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

सुल्तानपुर। प्रदेश और देशभर में लगातार सामने आ रहे परीक्षा पेपर लीक मामलों के विरोध में गुरुवार को सुल्तानपुर में छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) तथा भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट शिव प्रसाद को सौंपकर पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एसएफआई के राज्य अध्यक्ष पार्थ सारथी द्विवेदी ने कहा कि पिछले दस वर्षों के दौरान देश में लगभग 89 परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। वहीं बीते एक महीने में ही एक दर्जन से अधिक प्रतियोगी परीक्षाएं पेपर लीक की घटनाओं की भेंट चढ़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार परीक्षाओं का रद्द होना और प्रश्नपत्रों का लीक होना करोड़ों छात्रों तथा उनके परिवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में भारी निराशा व्याप्त है। कई छात्र वर्षों की मेहनत और आर्थिक संसाधन खर्च करने के बाद भी परीक्षा प्रक्रिया पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। द्विवेदी ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षाओं के निरस्त होने जैसी घटनाओं से छात्रों का मानसिक तनाव बढ़ा है और यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।

सरकार पर लापरवाही का आरोप

एसएफआई के जिला सचिव दुर्गेश यादव ने कहा कि सरकार पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या को रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया को निजी कंपनियों के हवाले कर दिया गया है, जिनकी कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर कोई प्रभावी निगरानी नहीं है। उन्होंने कहा कि कई एजेंसियों के पास स्वयं का प्रिंटिंग प्रेस तक नहीं है और अधिकांश कर्मचारी ठेका व्यवस्था के तहत कार्यरत हैं, जिससे जवाबदेही तय करना मुश्किल हो जाता है। दुर्गेश यादव ने कहा कि जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है। उन्होंने सरकार से परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की।

प्रतियोगी छात्रों पर कार्रवाई का भी किया विरोध

भारत की जनवादी नौजवान सभा के जिला सचिव विवेक विक्रम सिंह ने कहा कि एक तरफ सरकार पेपर लीक रोकने में असफल साबित हो रही है, वहीं दूसरी ओर प्रतियोगी छात्रों और शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने इलाहाबाद में हुई हालिया कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्र आशुतोष पांडे और मनोज पांडे को गिरफ्तार किया गया, जबकि उनकी टीजीटी परीक्षा अगले ही दिन आयोजित होनी थी।

उन्होंने कहा कि यह परीक्षा लगभग चार वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आयोजित की जा रही थी और ऐसे समय में छात्रों पर कार्रवाई से युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से छात्रों के हितों की रक्षा करने तथा निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने की मांग की।

बड़ी संख्या में छात्र-युवा रहे मौजूद

प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम में रवि प्रसाद, अंकित दूबे, सुनील पाल, बृजेश, रविन्द्र, सलिल, मोहम्मद अरशद, अमित, अंकित, ऋषभ यादव, शिल्पी, काजल, अमीर हमजा, गुलफाम, अजीत, मनोज, अमरदीप, चंद्रसेन, शिवम, प्रशांत मिश्र, सुशील, दीपक, रितिका, अंकिता, पंकज, श्रेयस, स्वाति, अंशिका, आंचल, रोशनी, सुभाष समेत बड़ी संख्या में छात्र और युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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Suyash Chitranshi
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