सुलतानपुर। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कादीपुर के झारखंड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में भव्य एवं प्रेरणादायी योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य, आचार्यगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया। पूरे परिसर में योग, स्वास्थ्य और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता का संदेश गूंजता रहा।
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन, पुष्पार्चन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यालय के सभी आचार्यगण एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। योग दिवस के इस विशेष आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और आत्मानुशासन के प्रति जागरूकता विकसित करना था।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की एक ऐसी अमूल्य धरोहर है जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से मजबूत और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाता है।
योग सत्र में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को विभिन्न प्रकार के योगासनों का अभ्यास कराया गया। खड़े होकर किए जाने वाले योगासनों में ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन एवं त्रिकोणासन शामिल रहे, जबकि बैठकर किए जाने वाले आसनों में भद्रासन, शशकासन, उत्तानमण्डूकासन सहित अनेक महत्वपूर्ण योगासन कराए गए। सभी छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह, अनुशासन और एकाग्रता के साथ योगाभ्यास किया।
विद्यालय के प्रबंधक श्री दयाराम यादव ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारतीय जीवन दर्शन का मूल आधार है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को संयम, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच प्रदान करता है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में प्रत्येक विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक को योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। इससे स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अवधेश कुमार मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा है, जिसकी उपयोगिता को आज पूरा विश्व स्वीकार कर चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और चरित्र निर्माण के लिए नियमित योग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग से एकाग्रता, आत्मअनुशासन, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल का विकास होता है, जो जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में मुख्य शिक्षक के रूप में उपस्थित आचार्य विजय नारायण सिंह ने योग के विभिन्न आयामों एवं दैनिक जीवन में उसकी उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि योग तनावमुक्त जीवन, बेहतर स्वास्थ्य और मानसिक शांति का सबसे सरल एवं प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों को प्रतिदिन योग करने के लिए प्रेरित किया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस आयोजन में विद्यालय के समस्त आचार्य बंधुओं, कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय और उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने योग को नियमित जीवनचर्या में शामिल करने तथा स्वस्थ, सक्षम और संस्कारित समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर योगमय वातावरण से सराबोर दिखाई दिया और विद्यार्थियों में योग के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम ने न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया, बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों के प्रति नई पीढ़ी को प्रेरित करने का कार्य भी किया।
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