सुलतानपुर। जनपद के भदैयां क्षेत्र में रविवार से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ हो गया। अभियान के तहत शून्य से पांच वर्ष तक के कुल 18,352 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने पहले दिन क्षेत्र में 75 पोलियो बूथ स्थापित कर अभियान की शुरुआत की, जहां बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने पहुंचे।
अभियान का उद्देश्य जन्म से लेकर पांच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो वायरस से सुरक्षा प्रदान करना तथा भारत को पूरी तरह पोलियोमुक्त बनाए रखने की दिशा में प्रयासों को और मजबूत करना है। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे, क्योंकि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम समय पर दी जाने वाली यह दवा ही है।
रविवार को अभियान के पहले दिन भदैयां क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय हनुमानगंज स्थित बूथ संख्या-52 पर 80 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा बहुओं ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. आर.पी. सिंह ने बताया कि अभियान के पहले दिन पूरे क्षेत्र में 75 पोलियो बूथ बनाए गए, जहां बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। अभियान को सफल बनाने के लिए 48 टीमें गठित की गई हैं, जिनमें आशा बहुएं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा स्वास्थ्य विभाग का अन्य स्टाफ शामिल है।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य केवल निर्धारित संख्या पूरी करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शून्य से पांच वर्ष तक का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाए।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कई बार विभिन्न कारणों से कुछ अभिभावक अपने बच्चों को बूथ तक नहीं ला पाते हैं। ऐसे बच्चों को अभियान से जोड़ने के लिए सोमवार से स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर पोलियो की खुराक पिलाएंगी।
डॉ. आर.पी. सिंह ने बताया कि घर-घर चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान प्रत्येक गांव और मोहल्ले में पहुंचकर उन बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जाएंगी जो पहले दिन किसी कारणवश छूट गए हैं। इससे अभियान का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने में मदद मिलेगी।
पल्स पोलियो अभियान वर्षों से देश में पोलियो उन्मूलन के लिए चलाया जा रहा है। नियमित टीकाकरण के साथ-साथ इस विशेष अभियान का उद्देश्य बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाना और पोलियो वायरस के संक्रमण की संभावना को पूरी तरह समाप्त करना है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पोलियो एक गंभीर बीमारी है, जो बच्चों में स्थायी विकलांगता का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक अभियान में सभी पात्र बच्चों को पोलियो की दवा पिलाना बेहद आवश्यक है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक परिवार तक पहुंचने का प्रयास करता है।
हनुमानगंज प्राथमिक विद्यालय के बूथ संख्या-52 पर आयोजित अभियान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लक्ष्मी गौतम, गायत्री, ममता मोदनवाल और प्रियंका ने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के साथ-साथ अभिभावकों को पोलियो से बचाव के प्रति जागरूक भी किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई बच्चा पहले दिन छूट गया है तो घर पहुंचने वाली स्वास्थ्य टीम को अवश्य सहयोग करें।
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