सुलतानपुर। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में शहीद हुए महेंद्र पाण्डेय की 24वीं पुण्यतिथि पर रविवार को उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। उनके पैतृक गांव पाण्डेयपुर स्थित जूनियर हाईस्कूल परिसर में बने स्मारक पर परिजनों और ग्रामीणों ने पुष्प अर्पित कर नमन किया। श्रद्धांजलि के दौरान शहीद की मां शोभा पाण्डेय बेटे को याद कर भावुक हो उठीं।
सुलतानपुर जनपद के पाण्डेयपुर गांव निवासी महेंद्र पाण्डेय का जन्म वर्ष 1976 में पिता स्वर्गीय राजपति पाण्डेय एवं माता शोभा पाण्डेय के यहां हुआ था। वे 22 जून 1996 को भारतीय थलसेना की तोपखाना रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। अपनी सेवाकाल के दौरान उन्हें गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का गौरव भी प्राप्त हुआ।
कारगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन विजय में उन्होंने वीरता का परिचय देते हुए दुश्मनों के खिलाफ साहसिक भूमिका निभाई। 26 अप्रैल 2003 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान वे वीरगति को प्राप्त हो गए।
रविवार को पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में परिजनों व गणमान्य लोगों ने शहीद को याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए। भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य कृपा शंकर मिश्रा ‘सज्जन’ ने कहा कि देश की रक्षा करते हुए शहीद हुआ सैनिक अमर हो जाता है। वहीं शहीद के भाई अधिवक्ता गांगेय पाण्डेय ने कहा कि महेंद्र पाण्डेय ने अपने प्राणों की आहुति देकर गांव का नाम पूरे देश में गौरवान्वित किया है।
इस अवसर पर रामजी गुप्ता, ज्ञानेंद्र तिवारी, राम नायक तिवारी, घनश्याम त्रिपाठी, जगदीश पाण्डेय, प्रेम नारायण पाण्डेय, वृजेश पाण्डेय, अंकित पाण्डेय, कृष्णा पाण्डेय और श्रवण कुमार पाण्डेय सहित शहीद के परिजन व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
