सुलतानपुर। जनपद में स्वच्छता अभियान को नई दिशा देने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह ने विकास खंड जयसिंहपुर की ग्राम पंचायत बरौसा में स्थापित रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंद्र पर संचालित विभिन्न गतिविधियों, कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था तथा स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह ने विशेष रूप से प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि प्लास्टिक कचरे का पृथक्करण एवं सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छता व्यवस्था को भी मजबूती मिल सके। उन्होंने आरआरसी सेंटर को एक आदर्श एवं मॉडल कूड़ा घर के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे यह अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बन सके।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्रतिदिन शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही कूड़ा संग्रहण वाहनों में अतिरिक्त कम्पार्टमेंट विकसित कर गीले एवं सूखे कचरे का पृथक-पृथक संग्रहण किया जाए। उन्होंने कहा कि स्रोत स्तर पर ही कचरे का पृथक्करण स्वच्छता अभियान की सफलता की कुंजी है और इससे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण में भी सहायता मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले गोबर के सदुपयोग पर भी बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित वर्मी कम्पोस्ट पिट में गोबर का उपयोग कर गुणवत्तापूर्ण जैविक खाद तैयार की जाए। इससे न केवल गांव में स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा बल्कि जैविक खेती को भी प्रोत्साहन प्राप्त होगा और किसानों को लाभ मिलेगा।
निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने आरआरसी सेंटर के समीप स्थित तालाब का भी निरीक्षण किया। तालाब की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण एवं समुचित रखरखाव को देखकर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिया कि इसी प्रकार स्वच्छता और सौंदर्यीकरण की व्यवस्था निरंतर बनाए रखी जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ वातावरण का निर्माण हो सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छ ग्राम पंचायतें ही विकसित और स्वस्थ समाज की आधारशिला हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण, जैविक खाद निर्माण तथा जल स्रोतों का संरक्षण ग्रामीण विकास के महत्वपूर्ण आयाम हैं, जिन पर प्रशासन गंभीरता से कार्य कर रहा है।
इस अवसर पर जिला पंचायत राज अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), जिला सलाहकार, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रशासक, खंड प्रेरक सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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