सुलतानपुर। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान राशि में कथित गबन तथा वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर बुधवार को सुलतानपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। कांग्रेस ने पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।
जिला कांग्रेस कार्यालय से निकले कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए कथित चंदा घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग की। “चंदा चोरों को गिरफ्तार करो” और “राम भक्तों की आस्था का अपमान बंद करो” जैसे नारों के बीच कांग्रेस नेताओं ने कहा कि करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं से जुड़े इस मामले में किसी भी प्रकार की अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा और शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने किया। जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान राशि को लेकर यदि अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कराना सरकार और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार और मंदिर ट्रस्ट के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो पूरे मामले की न्यायिक अथवा स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने से जनता के सामने सच्चाई आएगी और किसी भी प्रकार की शंका का समाधान होगा।
शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान राम देश की सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि राम किसी एक राजनीतिक दल या संगठन की संपत्ति नहीं हैं। यदि मंदिर के चढ़ावे में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार या अनियमितता हुई है तो यह करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ विश्वासघात माना जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को दोषियों को बचाने के बजाय निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि लोगों का विश्वास कायम रहे और धार्मिक संस्थानों की विश्वसनीयता पर कोई प्रश्नचिह्न न लगे।
प्रदर्शन के उपरांत कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट एवं सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि मंदिर के चढ़ावे, दान और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कथित घोटाले की स्वतंत्र जांच कराई जाए। साथ ही मंदिर ट्रस्ट और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष पड़ताल की जाए तथा जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि जांच में कोई व्यक्ति या संस्था दोषी पाई जाती है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रदर्शन में वर्तमान जिला पंचायत सदस्य एवं अधिवक्ता निकलेश सरोज (पासवान), कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव रणजीत सिंह सलूजा, हौशला प्रसाद भीम, सलाहुद्दीन हाशमी, सुब्रत सिंह सनी, अतहर नवाब, मनोज तिवारी, मोहम्मद कमर खान, ममनून आलम, आवेश अहमद, अरशद पवार, नंदलाल मौर्य, मोहम्मद इमरान, विवेक सिंह रफ्तार, अरुण त्रिपाठी, उस्मान खान, दिनेश तिवारी, सुरेश चंद्र मिश्र, राहुल त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
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