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कृषि इनपुट व्यापारियों ने प्रधानमंत्री को 12 सूत्रीय ज्ञापन भेजा, समाधान न होने पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी

सुलतानपुर। सुलतानपुर में एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन (AIDA) की स्थानीय इकाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें खाद, बीज और कीटनाशक विक्रेताओं ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो आगामी खरीफ सीजन से पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।

एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जय प्रकाश वर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कई मुख्य मांगें शामिल हैं। व्यापारियों ने मांग की है कि उर्वरक निर्माता कंपनियां सब्सिडी वाली खाद के साथ गैर-जरूरी उत्पादों को थोपना बंद करें। इसे अपराध की श्रेणी में रखा जाना चाहिए।

इसके अतिरिक्त, व्यापारियों ने बीज या कीटनाशक के नमूने फेल होने पर विक्रेता को ‘साक्षी’ मानने की अपील की है, क्योंकि वे सीलबंद माल बेचते हैं। इसकी पूरी जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की होनी चाहिए। ग्रामीण खुदरा विक्रेताओं के लिए पोर्टल को वैकल्पिक बनाने और हर साल पीसी (PC) जोड़ने की अनिवार्यता खत्म करने की भी मांग की गई है।

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि अपनी मांगों के समर्थन में 27 अप्रैल को देशभर के कृषि इनपुट व्यापारी एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर रहे। व्यापारियों का कहना है कि वे पिछले 10 वर्षों से इन समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन बार-बार निवेदन के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

व्यापारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आगामी एक माह के भीतर केंद्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय और कृषि मंत्रालय ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया, तो वे खरीफ सीजन से पहले अनिश्चितकालीन राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। इससे देश के कृषि उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

इस अवसर पर जिला महामंत्री कन्हैया लाल यादव, जिला कोषाध्यक्ष आशीष मौर्या सहित दर्जनों व्यापारी उपस्थित रहे।