सुलतानपुर। सुलतानपुर के शिवगढ़ कोतवाली क्षेत्र के भेटौरा गांव में मंगलवार शाम एक युवक पर हमला किया गया। 28 वर्षीय जसवंत सिंह को लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से गंभीर रूप से पीटा गया, जिससे वह घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज सुलतानपुर रेफर किया गया था।
वहां से लखनऊ ले जाते समय जसवंत सिंह की रात करीब 12 बजे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच कराने की रंजिश में यह हमला किया गया।
जसवंत सिंह के भाई बलवंत सिंह ने बताया कि मंगलवार शाम उनके भाई शिवगढ़ से सब्जी लेकर बाइक से घर लौट रहे थे। भेटौरा इंटर कॉलेज के पास शंकर यादव के घर के सामने गांव के आधा दर्जन से अधिक लोगों ने उनकी बाइक रोक ली।
आरोप है कि हमलावरों ने जसवंत को गालियां दीं और लाठी, डंडे व कुल्हाड़ी से जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। हमले में जसवंत लहूलुहान होकर मरणासन्न स्थिति में पहुंच गए। राहगीरों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें निजी वाहन से सीएचसी लंभुआ ले गए।
बलवंत सिंह ने बताया कि पूरा विवाद प्रधान के कार्यों की जांच से शुरू हुआ था। गांव में प्रधान के कार्यों की जांच चल रही थी, जिसे लेकर प्रधान पक्ष के लोग काफी समय से रंजिश रख रहे थे। इसी खुन्नस में आरोपियों ने युवक को घेरकर हमला किया।
उन्होंने मुख्य रूप से ग्राम प्रधान मान सिंह को जिम्मेदार ठहराया है। उनके साथ ही रामशरण, रामजस, रामसुरेश, नीरज, सूरज और धनंजय सहित अन्य अज्ञात लोगों पर भी पिटाई का आरोप लगाया गया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की है।
सीओ विनय गौतम ने बताया कि युवक को गंभीर अवस्था में राजकीय मेडिकल कॉलेज से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था, जहां उसे ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में अभियोग दर्ज कर पुलिस की दो टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं। एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है।
जानकारी के अनुसार प्रधान की शिकायत मृतक का बड़ा भाई बलवंत बराबर किया करता था। इसी से नाराज होकर कल मौका पाते ही प्रधान व उसके साथियो ने शिकायत कर्ता के छोटे भाई को ही पीटकर मार डाला। मृतक जसवंत तीन भाइयों में सबसे छोटा है। सबसे बड़ा बलवंत उसके बाद बलिराज जिसकी साल 2019 में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। पिता विजय बहादुर की बीते 11 अप्रैल को हार्ट अटैक से मौत हो गई।
मृतक खेती किसानी का काम करता था। उसने नौकरी के लिए अपना और दो से तीन साथियों का पैसा किसी ठग को दिया और पैसा फंस गया। इस मामले में चांदा कोतवाली अंतर्गत रजवाड़े रामपुर निवासी कमलेश ने कोर्ट के जरिए केस दर्ज कराया जिसमें मृतक जसवंत को आरोपी बनाया था। पुलिस ने जसवंत को जेल भेजा था जहां 2-3 अप्रैल को जमानत पर छूट कर वो बाहर आया था। मृतक जसवंत के एक पुत्र रूद्र प्रताप 3 वर्ष और एक बेटी पलक 4 वर्ष है। पत्नी दिव्या व माता शीला (68) का रो-रोकर बुरा हाल है।
