sultanpur-bar-association-secretary-traffic-inspector-misbehavior-row

सुलतानपुर में वकीलों से बदसलूकी का सिलसिला जारी, बार एसोसिएशन के सचिव से ट्रैफिक इंचार्ज की तीखी नोकझोंक; अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश

सुलतानपुर। जनपद में अधिवक्ताओं के साथ कथित बदसलूकी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला शहर के बस अड्डा क्षेत्र का है, जहां सोमवार देर शाम बार एसोसिएशन के सचिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश दुबे और यातायात निरीक्षक राम निरंजन के बीच वाहन पार्किंग को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि इस दौरान यातायात निरीक्षक ने वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनके पद की गरिमा का भी सम्मान नहीं किया। घटना के बाद जिले भर के अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी व्याप्त है।

बताया जा रहा है कि इस घटनाक्रम ने पहले से ही आक्रोशित अधिवक्ता समुदाय की नाराजगी को और बढ़ा दिया है। हाल ही में लक्ष्मी होटल में अधिवक्ता धर्मात्मा सिंह और उनके साथियों पर हुए जानलेवा हमले का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि बस अड्डे पर हुई इस नई घटना ने बार और पुलिस प्रशासन के बीच तनाव को और गहरा कर दिया है। बार एसोसिएशन ने मामले को गंभीर बताते हुए दोषी अधिकारी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, बार एसोसिएशन के सचिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश दुबे सोमवार देर शाम किसी निजी कार्य से शहर के बस अड्डा क्षेत्र से गुजर रहे थे। इसी दौरान वहां ड्यूटी पर मौजूद यातायात निरीक्षक राम निरंजन और उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ वाहन पार्किंग को लेकर कहासुनी हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अधिवक्ता दिनेश दुबे ने शांतिपूर्वक अपना परिचय देते हुए स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि यातायात निरीक्षक ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इतना ही नहीं, उन्होंने बार एसोसिएशन के सचिव पद को लेकर भी कथित तौर पर असम्मानजनक टिप्पणी की और उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हो गए।

जैसे ही इस घटना की सूचना दीवानी न्यायालय परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं तक पहुंची, पूरे अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी फैल गई। अधिवक्ताओं का कहना है कि हाल के दिनों में पुलिस और प्रशासन का व्यवहार वकीलों के प्रति लगातार असहयोगपूर्ण और अपमानजनक होता जा रहा है।

बार एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों से मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। यदि अधिवक्ताओं के साथ सार्वजनिक स्थानों पर इस प्रकार का व्यवहार होगा तो इससे न्याय व्यवस्था से जुड़े लोगों का मनोबल प्रभावित होगा।

बार एसोसिएशन ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित ट्रैफिक इंस्पेक्टर के खिलाफ तत्काल विभागीय जांच और कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि दोषी अधिकारियों के विरुद्ध समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसी घटनाएं भविष्य में और बढ़ सकती हैं।

अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि प्रशासन को इस मामले में निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे कानून के प्रति आम लोगों का विश्वास बना रहे।

गौरतलब है कि 21 जून को शहर के रेलवे स्टेशन रोड स्थित लक्ष्मी होटल में अधिवक्ता धर्मात्मा सिंह और उनके साथियों पर कथित रूप से जानलेवा हमला हुआ था। आरोप था कि होटल में भोजन की गुणवत्ता और बिल को लेकर शिकायत करने के बाद होटल संचालक पूरन पोपटानी तथा हर्षित पोपटानी ने बाहरी लोगों को बुलाकर बेलचे और धारदार हथियारों से हमला कराया था।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने होटल संचालकों को हिरासत में लिया था। इस पूरे घटनाक्रम ने अधिवक्ता समुदाय को पहले ही आंदोलित कर रखा था। बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक चारू निगम से मुलाकात कर अवैध होटलों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा बुलडोजर कार्रवाई की भी मांग की थी।

अधिवक्ताओं का कहना है कि लक्ष्मी होटल की घटना के बाद प्रशासन से संवेदनशील रवैये की उम्मीद थी, लेकिन बस अड्डे पर हुई कथित बदसलूकी ने उनकी नाराजगी को और बढ़ा दिया है। युवा अधिवक्ताओं का मानना है कि यदि पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो बार एसोसिएशन आंदोलन का रास्ता अपना सकता है।

Author Profile

Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi