सुलतानपुर। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष पद प्रत्याशी डॉ. संदीप शुक्ला के खिलाफ दर्ज आदर्श आचार संहिता उल्लंघन मामले में शुक्रवार को बहुप्रतीक्षित सुनवाई नहीं हो सकी। एमपी-एमएलए कोर्ट में न्यायाधीश के अवकाश पर रहने के कारण मामले में बहस की कार्यवाही टाल दी गई। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी, जहां पुलिस की फाइनल रिपोर्ट के खिलाफ दाखिल प्रोटेस्ट अर्जी पर बहस आगे बढ़ेगी।
यह मामला वर्ष 2023 के नगर निकाय चुनाव के दौरान कथित आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ा है। पुलिस विवेचना में आरोपों की पुष्टि नहीं होने का हवाला देते हुए फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है, लेकिन तत्कालीन विवेचक की ओर से दाखिल प्रोटेस्ट अर्जी के कारण मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में अदालत का आगामी निर्णय इस प्रकरण की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सात मई 2023 को नगर निकाय चुनाव के दौरान तत्कालीन उपनिरीक्षक मुकेश कुमार पटेल ने कोतवाली नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एफआईआर में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष पद प्रत्याशी डॉ. संदीप कुमार शुक्ला तथा कुछ अज्ञात व्यक्तियों पर आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था।
चुनावी माहौल के बीच दर्ज इस मुकदमे ने उस समय स्थानीय राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा बटोरी थी। आरोप था कि चुनाव आयोग द्वारा लागू आचार संहिता का उल्लंघन किया गया, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में फाइनल रिपोर्ट प्रस्तुत की। विवेचना के दौरान पुलिस को ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला, जिससे आरोपों की पुष्टि हो सके। इसी आधार पर पुलिस ने न्यायालय से मामले को समाप्त करने की संस्तुति करते हुए फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर दी।
हालांकि, इस फाइनल रिपोर्ट से सहमत न होते हुए तत्कालीन एसओ मुकेश पटेल की ओर से अदालत में प्रोटेस्ट अर्जी दाखिल की गई। इस अर्जी में फाइनल रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए मामले की न्यायिक समीक्षा की मांग की गई है।
शुक्रवार को यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था। अदालत में पुलिस की फाइनल रिपोर्ट के खिलाफ दाखिल प्रोटेस्ट अर्जी पर बहस होनी थी, लेकिन न्यायाधीश के अवकाश पर रहने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए नई तिथि निर्धारित कर दी है। अब उसी दिन दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क अदालत के समक्ष रखेंगे।
कानूनी जानकारों के अनुसार, प्रोटेस्ट अर्जी पर सुनवाई के दौरान अदालत के सामने मुख्य रूप से तीन विकल्प होते हैं। अदालत पुलिस की फाइनल रिपोर्ट स्वीकार कर सकती है, उसे अस्वीकार कर मामले में आगे की कार्यवाही का आदेश दे सकती है अथवा आवश्यकता महसूस होने पर पुनः विवेचना के निर्देश भी जारी कर सकती है। इसी कारण यह सुनवाई केवल औपचारिक नहीं बल्कि पूरे मामले के भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
संजय सिंह प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख चेहरा हैं, जबकि डॉ. संदीप शुक्ला स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं। ऐसे में यह मामला केवल कानूनी नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सुलतानपुर में नगर निकाय चुनाव के दौरान दर्ज इस मुकदमे पर स्थानीय राजनीतिक दलों और आम नागरिकों की भी नजर बनी हुई है। अदालत के अंतिम निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पुलिस की विवेचना को न्यायालय स्वीकार करता है या आगे किसी अन्य कानूनी प्रक्रिया का रास्ता खुलता है।
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