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भीषण गर्मी भी नहीं डिगा सकी गोमती मित्रों का हौसला, 45 डिग्री तापमान में भी जारी रहा श्रमदान और मां गोमती की सेवा

सुलतानपुर। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और प्रचंड धूप ने जहां आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है, वहीं दूसरी ओर गोमती मित्र मंडल के सदस्यों का उत्साह और समर्पण मौसम की कठिन परिस्थितियों के सामने भी कम नहीं हुआ। रविवार को अधिकांश लोग तेज धूप और गर्म हवाओं से बचने के लिए अपने घरों में रहे, लेकिन गोमती नदी के संरक्षण और स्वच्छता के लिए समर्पित गोमती मित्रों ने अपने साप्ताहिक सेवा कार्य को पूर्व निर्धारित समय पर पूरी निष्ठा के साथ संपन्न किया।

रविवार की सुबह छह बजे से शुरू हुआ श्रमदान अभियान करीब तीन घंटे तक लगातार चलता रहा। इस दौरान सदस्यों ने नदी तट और आसपास के पूरे परिसर की साफ-सफाई की। पसीने से तरबतर होने के बावजूद किसी ने भी अपने संकल्प को कमजोर नहीं पड़ने दिया। श्रमदान के बाद सभी सदस्यों ने सीता उपवन में पेड़ों की शीतल छांव में कुछ समय विश्राम किया और फिर शाम की आरती की तैयारियों में जुट गए।

गोमती मित्र मंडल की कार्यशैली पिछले कई वर्षों से अनुशासन और नियमितता का उदाहरण बनी हुई है। रविवार को भी प्रातः छह बजे श्रमदान का कार्य शुरू हुआ और सुबह नौ बजे तक पूरे परिसर की सफाई की गई। इसके बाद दोपहर में मां गोमती की आरती की तैयारियां की गईं। सायं छह बजे से रात आठ बजे तक आदि गंगा मां गोमती की विधिवत आरती संपन्न हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया।

गोमती मित्र मंडल के सेवा कार्यों से प्रभावित होकर राणा प्रताप पी.जी. कॉलेज के प्रोफेसर सुनील त्रिपाठी भी इस श्रमदान अभियान में शामिल हुए। रविवार के श्रमदान कार्यक्रम में संगठन के संरक्षक रतन कसौधन, प्रदेश अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह मदन, प्रदेश प्रवक्ता रमेश माहेश्वरी, संत कुमार प्रधान, मुन्ना सोनी, मुन्ना पाठक, अजय प्रताप सिंह, राम क्विंचल मौर्या, राकेश सिंह दद्दू, प्रो. सुनील त्रिपाठी, आलोक तिवारी, रामू सोनी, अभय सोनी, अभय मिश्रा सहित अनेक गोमती मित्र उपस्थित रहे।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi